16 दिसंबर के बाद दिन-रात सबूत जुटाते रहें अनिल शर्मा, 6 सालों में खो चुके हैं पिता और भाई को...

16 दिसंबर के बाद दिन-रात सबूत जुटाते रहें अनिल शर्मा, 6 सालों में खो चुके हैं पिता और भाई को...

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  • 2018-07-12
  • Tara Chand

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Thehook desk: साल 2012 में हुए निर्भया गैंगरेप मामले की जांच के चलते दिल्ली पुलिस के इंस्पेक्टर अनिल शर्मा ने अपना सारा समय केस पर लगा दिया। 
हाल में आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले से अनिल ने राहत की सांस ली होगी। 6 सालों से कोर्ट में चल रही सुनवाई के दौरान एक बार भी ऐसा मौका नहीं आया जब अनिल केस की सुनवाई में न पहुंचे हो। इन 6 सालों की सुनवाई के बीच अनिल ने अपने पिता और भाई को खो चुके हैं। फिर भी उनका केस के प्रति रवैया बिलुकल पहले जैसा है। 
एक अंग्रेजी अखबार से बातचीत में अनिल ने कहा, ये केस मामले की जांच के रूप में महत्वपूर्ण है। यह एक मामला था जिसे हमने स्वामित्व लिया, इसलिए हमें इसे अपने निष्कर्ष पर ले जाना पड़ा। राजस्थान के पुलिसवाले के लिए केस को समझना कापी जरुरी था। उन्होंने परिवार में बड़ी ट्रैजेडी होने के बाद भी अपना सयम बरकरार रखा। वो कहते हैं, उस वक्त, मेरा भाई की मृत्यु हो गई थी। मुझे याद है कैसे मैंने उसके शरीर को नहलाया। उसके कुछ मिनट बाद में निर्भया केस का अपडेट अपने सीनियर को दिया।
 
भाई के जाने के बाद पिता ने भी साथ छोड़ दिया। वे काफी समय से बीमार चल रहे थे। लगातार दो हफ्ते तक अनिल और उनकी टीम ने गैंगरेप के लिए कई सबूत और रिकॉडिंग खंगालने शुरू किए। उन्होंने बताया, एक पुलिस ऑफिसर को ऐसे केस में प्रोफेशनल रहना चाहिए, लेकिन निर्भया केस ने हमे इमोशनली जोड़ दिया। 
इस केस से इतना समझा दिया कि अगर किसी केस में पक्के सबूतों पर काम करो, तो आपको गवाह मजबूत मिलता है। निर्भया केस में हमे काफी मजबूत सबूत मिले। 

 

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