वो कारोबारी, जिसने विजय माल्या के छुड़ा दिये थे पसीने, डरने लगे थे धीरुभाई अंबानी

वो कारोबारी, जिसने विजय माल्या के छुड़ा दिये थे पसीने, डरने लगे थे धीरुभाई अंबानी

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  • 2018-03-14
  • Tara Chand

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THEHOOK DESK:एक ऐसा शख्स, जिसने अपनी जबरदस्त कारोबारी रणनीति के चलते कई दिग्गज उद्योगपतियों को पीछे छोड़ दिया। ये शख्स इलेक्ट्रॉनिक की दुकान चलाता था, लेकिन अपनी सोच की बदौलत अंबानी को टक्कर दी थी।
ये शख्स टेकओवर किंग के नाम से मशहूर था। सिर्फ चार साल में देश के 10 शीर्ष पूंजीपतियों की लिस्ट में आ खड़ा हुआ था। इसकी रणनीति से विजय माल्या जैसे उद्योगपति के भी पसीने छूटने लगते थे। इस शख्स का नाम था राजाराम छाबड़िया। इन्होंने खरबों डॉलर की जंबो समूह का स्थापना की थी।
मुंबई के एक छोटे कारोबारी परिवार में इनका जन्म हुआ था। छाबड़िया 1980 के दशक में कंपनियां खरीदने के लिए मशहूर हुए थे। सिद्धार्थ कॉलेज ऑफ कॉमर्स से निकाल दिया गया था। इसके बाद इन्होंने अपने परिवार की इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान में काम करने लगे। यहीं से इन्होंने कारोबार की दुनिया में कदम रखा। इनकी टेकओवर रणनीति ने औद्योगिक घरानों में खलबली मचा दी थी। इन्होंने अपनी रणनीति से गोदरेज, वाडिया जैसी बड़े घरानों को पीछे छोड़ दिया था।
छाबड़िया ने देश की सबसे बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी लार्सन एंड टुब्रो के टेकओवर की कोशिश की थी। इसके बाद उनकी इस रणनीति से सारे कारोबारी घराने डरने लगे थे। एलएंडटी के डायरेक्टर रिलायंस के फाउंडर धीरूभाई अंबानी की शरण में गए और छाबड़िया की कोशिश को नाकाम किया था।
इसके बाद छाबड़िया ने खाड़ी देशों की तरफ रूख किया। दुबई में जंबो इलेक्ट्रॉनिक्स के नाम से एक बिजनेस की शुरुआत की। उनका कारोबार धीरे-धीरे अमेरिका, ब्रिटेन, ओमान, जापान, हांगकांग और सिंगापुर जैसे देशों में फैल गया। और देखते ही देखते 10 करोड़ डॉलर की कंपनी के मालिक बन गए।
इसके बाद उन्होंने कारोबार की उद्देश्य से भारत का रूख किया। अपने देश में उन्होंने टेकओवर की शुरात साल 1985 में लिकर कंपनी शॉ वैलेस से की। इसके बाद एक के बाद एक 11 कंपनियां उनके साथ आ गई। शॉ वैलेस कंपनी के अधिग्रहण को लेकर छाबड़िया और माल्या में विवाद भी हुआ था।
लेकिन साल 2002 में छाबड़िया की मौत हो गई। जिसके बाद माल्या ने इस कंपनी को फिर से टेकओवर कर लिया। कम पढ़े-लिखे होने के बावजूद छाबड़िया ने बड़े-बड़े घरानों को रेंगने पर मजबूर कर दिया था।

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