यहां के चिड़ियाघरों में आजाद घूमते हैं जानवर, हर साल हजारों लोग लेते हैं घूमने का मजा

यहां के चिड़ियाघरों में आजाद घूमते हैं जानवर, हर साल हजारों लोग लेते हैं घूमने का मजा

.
  • 2018-03-14
  • niharika

.

Thehook desk : बच्चों घूमाने का ख्याल मन में आते ही आप को म्यूजियम या फिर चिड़ियाघर जैसी जगहों के बारे में सूझता है। आज हम आपको बच्चों को घूमाने के लिए एक ऐसी जगह के बारे में बताने जा रहें है। हम बात कर रहें है विदेशों के खुबसूरत शहर में से एक सिगांपुर में बने चिड़ियाघर की। इस चिड़ियाघर की खासियत यह है कि यहां पर जानवरों को बाधने या पिंजरे में रखने की बजाएं उन्हें खुला छोड़ा जाता है। आए जानते है इस वित्रित चिड़ियाघर के बारे में।
 
सिंगापुर चिड़ियाघर- इस ओपन जू को देखने के लिए टूरिस्ट दूर-दूर से आते है। इस जू में जानवरों को अंदर बंद करके नहीं बल्कि खुला रखा जाता है। यहां पर पिजरे की बजाएं जानवरों के चारों तरफ गढ्ढे बना कर उन्हें सूखा या पानी से भर दिया जाता है।
जुरोंग चिड़ियाघर- सिगांपुर के इस जू में शायद ही कोई ऐसा पक्षी होगा जिसे आप इस जू में न देख पाएं। यहां पर आप 7500 से ज्यादा पक्षी देख सकते है और कुछ पक्षियों की तो यहां पर 8−10 प्रजातियां मौजूद है।
नाइट सफारी- 45 हेक्टेयर तक फैले इस चिड़ाघर में आप नाइट सफारी का भी मजा ले सकते है। इस जू को नेचर के 8 भागों में बाटां गया है। रात के समय खुला रहने वाले इस जू में ट्राम की सुविधा के साथ-साथ गाइड भी उपलब्ध रहता है।
मिंग विलेज- इस जू में बने इस छोटे से गांव में आप हाथों से बना चीजों को देख सकते है। ये खुबसूरत हस्तशिल्प आपका ध्यान अपनी ओर आकृषित करती है। यहां पर लोग चीनी−मिट्टी के बर्तन वगैरह पर भी नक्काशी करते हैं।

Leave A comment

ट्विटर