दुनिया की सबसे बड़ी हीरे की खदान, हर साल दुनिया का 23 फीसदी रफ डायमंड निकाला जाता है

दुनिया की सबसे बड़ी हीरे की खदान, हर साल दुनिया का 23 फीसदी रफ डायमंड निकाला जाता है

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  • 2018-03-05
  • Tara Chand

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THEHOOK DESK: शायद ही आपको मालूम होगा कि ईस्ट साइबेरिया स्थित माइन से हर साल दुनिया का 23 फीसदी रफ डायमंड निकाला जाता है। सेकंड वर्ल्ड वॉर (1939 से 1945) के बाद सोवियत यूनियन (अब रूस) भुखमरी से जूझ रहा था।
इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र द्वारा सोवियत यूनियन पर लगाए गए कई आर्थिक प्रतिबंधों के चलते देश पूरी तरह कंगाल हो चुका था। ऐसे में साल 1955 में सोवियत जियोलॉजिस्ट यूरी खाबरदिन ने अपनी टीम के सदस्यों एकातेरिना एलागिना और विक्तर आवदीनको ने इस माइन की खोज की।
करीब दो साल तक चले रिसर्च के बाद पता चला कि यह हीरों का अथाह भंडार है। इस खोज के लिए खाबरदिन को लेनिन प्राइज से नवाजा गया। 1957 से 1960 के दौरान यहां से एक करोड़ कैरेट्स यानी की 2 हजार किलो के रफ डायमंड हर साल निकले गए। ये मैं 1722 फिट गहरी है। इसका डायमीटर एक मील का है। माइन के ऊपर एयरक्राफ्ट का उड़ना बैन है। दरअसल, ये माइन इतनी बड़ी है कि यहां से निकलने वाली गैस हेलिकॉप्टर को खींच सकती है। क्योंकि इससे पहले यहां ऐसी कई घटनाएं हो चुकी हैं।
2004 में इसे कुछ समय के लिए बंद कर दिया था। बाद में इसे अंडरग्राउंड टनल्स के साथ शुरू किया गया। मिर माइन को डायमंड सिटी के नाम से भी जाना जाता है।
2014 में यहां 60 लाख कैरेट के रफ डायमंड मिले थे। ये माइन हर साल 20 लाख कैरेट के रफ डायमंड निकालती है। इनकी कीमत 172 करोड़ से ज्यादा होती है।
वर्ल्ड के रफ डायमंड्स का 23 फीसदी हिस्सा यहीं से निकलता है। यहां का सबसे बड़ा ओलोनखो डायमंड गोल्फ बॉल की साइज का था। 130.85 कैरेट के इस डायमंड की कीमत 2 करोड़ रुपए से ज्यादा थी। 

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