रिसाइकिल बोतलों से बना टॉयलेट, स्टार्टअप इंडिया की अनोखी पहल

रिसाइकिल बोतलों से बना टॉयलेट, स्टार्टअप इंडिया की अनोखी पहल

THEHOOK DESK: मोदी जी के स्टार्टअप के बाद बहुत सारे लोगों को रोजगार के नए अवसर मिले हैं। युवा भी अपनी नई सोच से देश के विकास में अपना सहयोग दे रहे हैं।
  • 2017-07-18
  • Monika Singh

THEHOOK DESK: मोदी जी के स्टार्टअप के बाद बहुत सारे लोगों को रोजगार के नए अवसर मिले हैं। युवा भी अपनी नई सोच से देश के विकास में अपना सहयोग दे रहे हैं।

स्टार्टअप की मदद से एप्रो ग्रीन टेक ने स्वच्छ भारत मिशन में अपना योगदान देते हुए प्लास्टिक बोतल, जूस और दूध के गिलास को रिसाइकिल कर उससे टॉयलेट बनाए हैं। शायद ही किसी ने इस तरह के टॉयलेट के बारे में सोचा होगा। 
मुबंई का ये स्टार्टअप 'असंभव हरियाली' के उद्देश्य से हरियाली में अपना योगदान दे रहा है। एप्रो ग्रीन टेक समाज में सरकार के उतरदायित्वों को निभाने में मदद तो करता ही है, शहर और गांवों में भी हरियाली के लिए लोगों को जागरूक करता है। अभिजीत सिरकर ने 2012 में इस कंपनी की शुरूआत की थी। इस कंपनी का सबसे सफल परियोजना थी -दादर में एप्रो के सूर्या पेड़ लगाना। 
"स्थाई स्वच्छता" के लिए अब ये कंपनी पब्लिका प्लेस में टॉयलेट बनाने पर फोकस कर रही है। इस परियोजना का नाम उन्होंने "SUSLOO" दिया है। वे एप्रो के पेटेंट वाले 'बोतलों से बनी दीवार'  का इस्तेमाल किया जाएगा। और कम से कम प्राकृतिक लकड़ी के इस्तेमाल होगा।

टिप्पणी

  • APRO Greentech

    02-08-2017

    Thank you for this super article.

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