जिसका बचपन बकरियां चराने में बीता गया, आज वही फ्रांस की शिक्षा मंत्री का पद संभाल रही है...

जिसका बचपन बकरियां चराने में बीता गया, आज वही फ्रांस की शिक्षा मंत्री का पद संभाल रही है...

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  • 2018-02-14
  • Tara Chand

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THEHOOK DESK:अपने सपने को पूरा करने के लिए अगर आप पूरी लगन और जज्बे से जुटे रहें, तो इसे साकार होने से कोई नहीं रोक सकता। फ्रांस की मौजूदा शिक्षा मंत्री नजत बिल्कासिम की कहानी हमें यही संदेश देती है।
फ्रांस की पहली महिला शिक्षा मंत्री बनी नजत इस पद पर आसीन होने वाली पहली मुस्लिम भी हैं। नजत का जन्म 1977 में मोरक्को में नादोर के निकट बनी चिकेर नाम के गांव में हुआ था, जहां उनका बचपन भेड़-बकरियां चराते हुए गुजरा।
नजत के पिता फ्रांस में मजदूरी किया करते थे और पांच साल की उम्र में वह अपनी मां और बड़ी बहन के साथ अपने पिता के पास फ्रांस के अमीन्स शहर चली गईं। यहीं से उनकी जिंदगी बदलनी शुरू हुई, उन्होंने खूब लगन से पढ़ाई की और साल 2002 में पेरिस इंस्टिट्यूट ऑफ पॉलिटिकल स्टडीज से स्नातक किया।
नजत इसके बाद सोशलिस्ट पार्टी से जुड़ गईं और नागरिक अधिकारों के लिए आवाज बुलंद की। उन्होंने लोगों को सस्ते घर दिलाने और सामाजिक भेदभाव के खिलाफ भी आंदोलन किया। धीरे-धीरे उनकी मेहनत रंग लाने लगी और वह अपनी पार्टी की सलाहकार चुन ली गईं। इसके बाद उन्होंने फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा। वह रोन-अल्पाइन से काउंसिल सदस्य चुनी गईं और साल 2008 तक वह इस पद पर बनी रहीं।
इस तरह उन्होंने राजनीति में अपनी जड़ें मजबूत कर लीं। साल 2012 में नजत को फ्रांस की फ्रांस्वा ओलांद सरकार में महिला अधिकार मंत्री की जिम्मेदारी के साथ-साथ सरकार की प्रवक्ता नियुक्त किया गया और फिर साल 2014 में उन्हें शिक्षा मंत्री बना दिया गया।
एक गरीब परिवार से ताल्लुक रखने वाली नजत के इस सफर को देखें तो इसे आसान तो नहीं ही कहा जा सकता, लेकिन उन्होंने अपनी राह के हर-एक रोड़े का डटकर सामना किया। खुद को 'नॉन प्रैक्टिसिंग मुस्लिम' बताने वालीं नजत अपनी जातीय एवं धार्मिक पृष्ठभूमि की वजह से क्रूर, लैंगिक और नस्लवादी टिप्पणियों का निशाना बनती रही हैं। हालांकि इसके बावजूद वह डट कर खड़ी हैं और दुनिया भर में हाशिये पर खड़े तबकों के लिए एक प्रेरणा स्रोत हैं।
 

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