प्लेन से लेकर बाइक तक का शौक रखते हैं ये विधायक, आजादी के पहले से रखा है माइक्रो लाइट एयरक्राफ्ट

प्लेन से लेकर बाइक तक का शौक रखते हैं ये विधायक, आजादी के पहले से रखा है माइक्रो लाइट एयरक्राफ्ट

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  • 2018-02-11
  • Tara Chand

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THEHOOK DESK:भदरी राजघराने का नाम सुनते ही प्रदेश व देश में लोगों के सामने राजाभैया का नाम सामने आ जाता है। राजा भैया देश के उन चुनिंदा पॉलिटीशियन्स में शुमार हैं, जिन्होंने बिना किसी बड़ी पार्टी के सपोर्ट के लगातार 6 बार विधायक बनने का कारनामा किया है। आज हम आपको राजा भैया के बारे में कुछ इंटरेस्टिंग फैक्ट्स बता रहा है।
रघुराज का जन्म 31 अक्टूबर 1967 को प्रतापगढ़ के भदरी रियासत मे पिता श्री उदय प्रताप सिंह और माता श्रीमती मंजुल राजे के यहाँ हुआ। इनके दादा राजा बजरंग बहादुर सिंह, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल थे। रघुराज के पिता राजा उदय प्रताप सिंह विश्व हिंदू परिषद व राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मानद पादाधिकारी रह चुके हैं। इनकी माता श्रीमती मंजुल राजे भी एक शाही परिवार की है। राजा भैया अपने परिवार के पहले ऐसे सदस्य थे जिन्होंने पहली बार राजनीतिक क्षेत्र में प्रवेश किया।
राजा भैया प्रतापगढ़ की कुंडा विधानसभा से साल 1993 से लगातार अजेय एमएलए हैं। राजा भैया यूथ ब्रिगेड के सदस्य विनोद यादव और लम्बे समय से उनके साथ रहे डॉ केएन ओझा ने राजा भैया से जुड़ी कई अनसुनी बातों को शेयर किया। राजा भैया को ड्राइविंग का शौक है। फिर चाहे वो अपने फार्म हाउस पर साइकलिंग हो या अपने पर्सनल प्लेन को उड़ाना, वो हर बात में एक्सपर्ट हैं। आजादी के पहले से इनके पास माइक्रो लाइट एयरक्राफ्ट है। पहला प्लेन इनके दादा राजा बजरंग बहादुर सिंह ने खरीदा था।
इसके बाद साल 2013 में राजा भैया ने नया खरीदा। कई लग्जरी कारों के बीच रॉयल एनफील्ड बाइक इनकी फेवरेट है। इसके आलावा इनके ऑटोमोबाइल कलेक्शन में मर्सडीज, बीएमडब्ल्यू, लैंड क्रूजर, फॉर्च्यूनर जैसी लग्जरी कार शामिल हैं। राजा भैया क्रिकेट खेलने के भी बेहद शौक़ीन है। वह अक्सर अपने करीबियों के साथ क्रिकेट खेलते हैं। अखिलेश सरकार में आईएएस अधिकारियों के साथ हुए क्रिकेट मैच में भी राजा भैया ने शानदार प्रदर्शन किया था। राजा भैया इसके आलावा बालीबाल के भी बेहतरीन खिलाड़ी हैं।
राजा भैया को सन 1997 मे भारतीय जनता पार्टी के कल्याण सिंह के मंत्रीमंडल में कबानी मंत्री, वर्ष 1999 व 2000 में राम प्रकाश गुप्ता और राजनाथ सिंह के कैबिनेट मे खेल कूद एंव युवा कल्याण मंत्री बनाया गया। साल 2004 मे समाजवादी पार्टी के मुलायम सिंह यादव की सरकार मे रघुराज प्रताप खाद्य एवं रसद विभाग के मंत्री बने।
15 मार्च, 2012 को राजा भैया पुनः उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मे कारागार एवं खाद्य एवं रसद मंत्री बने, लेकिन 2 मार्च 2013 को कुंडा मे तीहरे हत्याकांड मामले मे डी. एस. पी. जिया उल हक के हत्या मामले राजा भैया का नाम आने पर इन्होने 4 मार्च, 2013 को मंत्री पद से इस्तिफा दे दिया। हालांकि बाद मे केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो के प्रारंभिक जाँच मे ही राजा भैया निर्दोष पाए गए और क्लोजर रिपोर्ट मे इन्हें क्लीन चिट मिल गई।
रघुराज प्रताप की प्राथमिक शिक्षा नारायणी आश्रम, इलाहाबाद के महाप्रभु बाल विद्यालय मे हुआ। सन 1985 मे भारत स्काउट एंड गाइड हाई स्कूल से दसवी तथा सन 1987 मे इलाहाबाद के एक इंटरमीडिएट स्कूल से बारहवी की पढ़ाई की। लखनऊ विश्वविद्यालय से इन्होंने कानून मे स्नातक की डिग्री हासिल की। घुड़सवारी और निशानेबाजी के शौकीन राजा भैया लखनऊ विश्वविद्यालय से मिलिट्री साइंस और भारतीय मध्यकालीन इतिहास में स्नातक हैं।
राजा भैया के बारे में कहा जाता है कि वे साइकिल चलाने से लेकर हवाई जहाज उड़ाने तक का कारनामा करते हैं। राजा भैया का विवाह बस्ती रियासत की राजकुमारी भान्वी देवी से हुआ। इनके 2 पुत्र शिवराज एंव ब्रृजराज, दो पुत्रियां राधवी और ब्रृजेश्वरी है।

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