समुद्र के अंदर है ये खूबसूरत राज, जो कभी नहीं सुने होंगे

समुद्र के अंदर है ये खूबसूरत राज, जो कभी नहीं सुने होंगे

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  • 2018-02-06
  • Tara Chand

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THEHOOK DESK:कहते हैं समंदर की गहराइयों में कुदरत के बहुत से राज छुपे हैं, जिनसे इंसान आज भी पर्दा नहीं उठा पाया है। इसके साथ ही इंसानी जिंदगी की तबाही के भी बहुत से राज समंदर ने अपने सीने में छुपा रखे हैं।
 आपको ब्रिटिश जहाज़ टाइटैनिक का किस्सा तो याद होगा ही सैकड़ों लोग जिंदगी की रंगीनियों से रूबरू होने के लिए समंदर का दमन थाम कर चल दिए थे। लेकिन जब बीच रास्ते में ही हादसे के अंधेरे ने टाइटैनिक को भटका दिया तो समंदर ने इसे अपने दामन में समेट लिया और इंसान के लिए टाइटैनिक जहाज़ एक इतिहास बन गया। लेकिन समंदर इंसान की इस अमानत की हिफाजत आज भी कर रहा है। टाइटैनिक जैसे ही और भी बहुत से ऐसे जहाज़ समंदर की तह में दबे हैं, जो निकले थे एक नए सफर पर।
स्टीव कहते हैं समंदर की गहाराइयों में जाकर फोटोग्राफी करने का अपना अलग ही मजा है ये हौसला भी बढ़ाता है और मज़ेदार भी। जब आप समंदर में जाकर इन जहाजों के मलबे को देखते हैं कि आप सौ साल पीछे चले गए हैं। इतनी गहराई में बरसों से वैसे ही पड़े मलबे देखकर हैरानी होती है।आखे खुली की खुली रह जाती है और अस्फसोस भी होता है कि गए सफर का आगज करने वाले जहाज मंजिल पर पहुंचने से पहले ही कैसे अपना रास्ता खो बैठे।
समुन्द्र के भीतर जाकर ऐसे ही मलबों की फोटोग्राफी करने वाले फ्रीलांस ब्रिटिश फोटोग्राफर आंद्रे नाइबर्ग अपना तजुर्बा बयान करते हैं. वो कहते हैं। वो कहते हैं कि समंदर के पानी में तैरते हुए फोटोग्राफी की जाती है। आंद्रे का शौक़ है पानी की गहराई में जाकर ऐसी चीजों की फोटोग्राफी करना जो ज़मीनी ज़िंदगी की चीज़ों से मेल खाती हैं। पानी में फोटोग्राफी करने के लिए सबसे पसंदीदा साईट है एस. एस थिसलगॉर्म। ये जहाज दुसरे विश्व युद्ध के दौरान लाल सागर में डूबा दिया गया था। इसे दुनिया की सबसे बेहतरीन जहाज के मलबे की साइट माना जाता है।
आंद्रे ने अब तक जितनी भी अंडरवाटर फोटोग्राफी की है, उसमें इस साइट की फोटोग्राफी सबसे शानदार हैं। वो यहां अपनी पत्नी के साथ फोटोग्राफी करने आए थे। लेकिन आंद्रे का सबसे शानदार तजुर्बा रहा था, 1942 में डूबे अमरीकी लड़ाकू जहाज़, एस.एस प्रेसिडेंट कूलिज की तस्वीरें लेना। वो और उनकी पत्नी उस वक़्त चौंक उठे थे, जब अचानक बेतहाशा नीली रौशनी में दोनों नहा गए थे. कुछ देर के लिए तो दोनों को समझ में ही नहीं आया कि हो क्या रहा है।
पानी की गहराइयों में फोटोग्राफी करने वालों को आंद्रे नाइबर्ग सलाह देते हैं। कि जब भी आप फोटोग्राफी के लिए जाएं तो अपना कैमरा और दूसरा सामान अच्छी तरह से चेक करके जाएं। बहुत सी ऐसी जगहें होती हैं जहां रौशनी नहीं पहुंचती, और आप टॉर्च भी ना जला सकें। ऐसे में एक लाइन में चलना ज़रूरी है। 
ऐसे में ये तैराक की ज़िम्मेदारी है कि वो जब फोटो ले तो इन जीवों को किसी तरह की कोई परेशानी ना हो। समंदर की तह में पड़े इस मलबे को उसी तरह आदर और सम्मान करना चाहिए, जैसे आप किसी कब्रिस्तान में जाकर वहां दफ़न लोगों का करते हैं।
अगर मलबे के अलावा भी कोई ऐसी चीज नजर आती है को तैराक को भी हैरान कर दें, तो, इनकी जानकारी जिम्मेदार विभाग को बतानी चाहिए। अबसे अहम ये है कि किसी भी तैराक को समुद्री क़ानूनों की जनाकरी होना लाजमी है।

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