65 किमी साइकिल चलाकर पहुंचा था घर, 65 रुपए की लॉटरी पर खुद को समझने लगा था राजा

65 किमी साइकिल चलाकर पहुंचा था घर, 65 रुपए की लॉटरी पर खुद को समझने लगा था राजा

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  • 2018-02-05
  • Tara Chand

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THEHOOK DESK:एक्टर राजपाल यादव की कॉमेडी से हर कोई वाकिफ है। राजपाल यादव अब तक 175 से ज्यादा फिल्मों में एक्टिंग कर चुके हैं। बड़े रोल नहीं मिलने के बावजूद छोटे-छोटे रोल करके उन्होंने अपना करियर बनाया। बीते साल ही उनकी फिल्म ‘जुड़वा-2’रिलीज हुई थी। 
राजपाल यादव के लोटपोट कर देने वाले डायलॉग हमेशा ही लोगों के जुबान पर रहते हैं। बता दे कि राजपाल यादव ने साल 1999 में ‘दिल क्या करे’ से फिल्मी करियर की शुरुआत की। राजपाल यादव की जिंदगी से जुड़े कई दिलचस्प किस्से हैं। राजपाल यादव सियासत में भी उतर चुके हैं। 2017 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने एक पार्टी लॉन्च की थी। जिसका नाम सर्व संभाव पार्टी रखा है।
राजपाल यादव यूपी के शाहजहापुर के रहने वाले हैं। राजपाल यादव की दो बेटियां हैं। 13 साल की मौनी और तीन साल की हनी। राजपाल यादव के बचपन के कई किस्से हैं। राजपाल यादव ट्रक से स्कूल जाते थे। ये रोजाना की आदत थी। लेकिन एक दिन जब वो अपने बड़े भाई के साथ स्कूल से लौट रहे थे तो कोई गाड़ी नहीं मिल रही थी। उस टाइम राजपाल यादव 65 किलोमीटर साइकिल चलाकर घर पहुंचे थे।
राजपाल यादव के बचपन का एक और किस्सा है। एक बार उनकी जेब खाली थी। उनके बड़े भाई के पास सिर्फ एक रूपया था। जब दोनों भाई स्टेशन से गुजर रहे थे, तभी राजपाल यादव की नजर लॉटरी वाले पर पड़ी। राजपाल ने अपने बड़े भाई से एक रूपये लिया और लॉटरी खरीद ली। इसपर उनके बड़े भाई ने खूब डांटा।
लेकिन जब राजपाल यादव दूसरे दिन स्कूल से लौटे और लॉटरी वाले के पास गए तो उनकी खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा। उनकी 65 रूपए की लॉटरी लग गई थी। उन्होंने 65 रुपए में से 10 रुपए के लॉटरी के टिकट लिए। 5 रूपए अपने पास रखा और 50 रुपए भाई को दे दिया। जब राजपाल यादव के हाथ में 5 रूपए आए तो उनको लगा कि इससे बड़ा कुछ नहीं हो सकता। लेकिन बड़े भाई ने फिर से लॉटरी खरीदने से मना कर दिया। उसके बाद राजपाल यादव ने कभी लॉटरी नहीं खरीदा।
जब राजपाल यादव ने राष्ट्रीय नाट्य स्कूल से पढ़ाई पूरी कर ली तो उनको उसमें ही 20 हजार रुपए की नौकरी का ऑफर मिला। लेकिन राजपाल यादव ने नौकरी ठुकरा दी, क्योंकि वो एक्टर बनने का सपना देख रहे थे। दिल्ली में पढ़ाई पूरी हो गई तो राजपाल यादव मुंबई आ गए। काफी मेहनत के बाद उनको एक सीरियल में काम करने का मौका मिल गया। लेकिन सिर्फ 5 एपिसोड करने का मौका मिला। एक एपिसोड के लिए एक हजार रुपए मिलते थे।
धीरे-धीरे राजपाल यादव का करियर आगे बढ़ने लगा। साल 2000 में ‘जंगल’ फिल्म रिलीज हुई। जिससे मिले पैसों से राजपाल यादव ने एक एक्सेंट कार खरीदी। आज भी वो काम राजपाल यादव के पास है। अब राजपाल यादव को बॉलीवुड के बेहतरीन कॉमेडी के लिए जाना जाता है। उन्होंने कई तरह के गंभीर किरदार भी किये हैं।

 

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