ये 8 दबंग महिला IPS ऑफिसर्स बढ़ा रही हैं भारत की शान, नाम सुन बदमाशों की नींद हो जाती है हराम

ये 8 दबंग महिला IPS ऑफिसर्स बढ़ा रही हैं भारत की शान, नाम सुन बदमाशों की नींद हो जाती है हराम

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  • 2018-01-30
  • niharika

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THE HOOK DESK : भारत देश में आज भी लोग महिलाओं को पुरूषों के मुकाबले कमजोर मानते हैं। लेकिन महिलाएं भी किसी से कम नहीं हैं। वो भी कई जगह अपने हुनक का परिचय देने से पीछे नहीं हट रही हैं। देश की महिलाओं ने लगभग हर क्षेत्र में अपनी उपस्थिति महसूस करा रही हैं। राजनीति हो या नौकरशाही में या प्रतिष्ठित पुलिस बल में रहकर, हर जगह ये अपनी प्रतिभा तो दिखा रही हैं। कुछ ऐसी ही कहानी है भारत की इन IPS ऑफिसर्स का जो दुशमनों के लिए काल हैं और आज जनता की रक्षक बन कर अपना दायित्व निभा रही हैं। धीरे-धीरे ही सही भारत में लिंगभेद को मिटाने का काम भी कर रही हैं ये ऑफिसर्स।
 

किरण बेदी का नाम आज पूरा देश जानता है। भारत की पहली महिला IPS ऑफिसर होने का तम्गा उन्हें हासिल है। उनकी बहादूरी और बेबाक छवि से हर कोई वाकिफ है। लेकिन भारत में कई और IPS ऑफिसर्स हैं, जिन्हें किरण बेदी से कम नहीं आंका जा सकता। उन्होंने भी अपनी लगन से IPS बन कर और अपनी बहादूरी से पूरे देश का मान बढ़ाया है।
1. अपराजिता राय- अपने राज्य और पूरे देश का गौरव हैं अपराजिता राय। साल 2012 में UPSC की परीक्षा में 358 रैंक के साथ अपराजिता असम की पहली गोरखा महिला IPS बनीं। इन्हें अपने काम के लिए राष्ट्रीय अवॉर्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है। अपराजिता इस वक़्त पश्चिम बंगाल में पोस्टेड हैं, लेकिन उन्हें दार्जलिंग पोस्ट किए जाने की खबर आ रही है, जहां उन पर गोरखालैंड की मांग करने वालें लोगों पर लगाम लगाने का काम दिया जा सकता है।
2. संगीता कालीया- संगीता जी को IPS बनने की प्रेरणा 90 के दशक में आने वाले शो 'उड़ान' से मिली थी। इनके पिता हरियाणा पुलिस में कार्यरत थे। संगीता ने 2 बार UPSC की परीक्षा को पास किया, लेकिन उन्हें दोनों बार IAS के लिए चुना गया। तीसरी बार जब उन्होंने इस परीक्षा को पास किया, तब उन्हें अपनी पसंदीदा IPS की रैंक मिली।
3. संजुक्ता पराशर- इन्हें लेडी सिंघम कहना गलत नहीं होगा। UPSC परीक्षा में इन्हें 85वीं रैंक मिली थी। इन्होंने असम में अपने कार्यकाल के दौरान 16 नक्सलवादियों को मौत के घाट उतारा, साथ ही 64 से ज्यादा नक्सलियों को गिरफ्तार किया है। इनकी बहादुरी के नाम के डर से कई नक्सलियों ने असम में सरेंडर भी कर दिया था।
4. मीरा बोरवांकर- महाराष्ट्र की पहली महिला क्राईमब्रांच की ऑफिसर बन कर मीरा ने पूरे देश में नाम कमाया। इन्होंने कई बड़े केस को अपनी सूझबूझ से सुलझा कर साबित किया कि वो किसी से कम नहीं। 1997 में मीरा को राष्ट्रपति मेडल से भी सम्मानित किया गया है। मीरा ही वो ऑफिसर हैं, जिन्होंने जलगांव सेक्स स्कैंडल केस, इकबाल मिर्ची केस, अबु सलेम जैसे केसेज को सुलझाया है।
5. रूवैदा सलाम- कश्मीर की पहली महिला IPS ऑफ़िर रूवैदा ने दो बार UPSC की परीक्षा को पास किया। इन्होंने MBBS की भी पढ़ाई की हुई है। IPS बनने का सपना वो बचपन से देखती थीं। अभी रूवैदा चेन्नई में Assistant Commissioner of Police की पोस्ट पर तैनात हैं।
6. मैरीन जोसफ- साल 2012 में सबसे युवा IPS ऑफिसर बनने का रिकॉर्ड मैरीन के पास ही है। केरल राज्य से मैरीन तीसरी IPS ऑफिसर हैं। इन्हें आम लोगों की मदद करने के लिए जाना जाता है। 24 घंटे में कभी भी इन्हें लोग फोन कर के इनकी मदद ले सकते हैं।
7. सोनिया नारंग- अपनी निडर छवि के कारण इन्होंने कई बार न्यूज़ में सुर्खियां बटोरी हैं। 2006 में MLA को थप्पड़ मारने वाला मामला शायद आपको याद होगा। एक प्रोटेस्ट के दौरान जब सोनिया ने MLA को वहां से हट जाने को कहा, तब उसने मना किया और सोनिया ने उसे थप्पड़ जड़ कर जेल भेज दिया। इस केस के बाद सोनिया का ख़ौफ़ न सिर्फ गुंड़ों में, बल्कि राजनेताओं में भी पैदा हो गया।
8. सौम्या सम्बासिवन- सौम्या को दंबग ऑफ़िसर के रूप में पहचाना जाता है। हिमाचल में सौम्या ने ड्रग्स पर काफी हद तक लगाम लगाई है। बहुत ही कम वक्त में इनका नाम पूरे देश में एक निडर पुलिस ऑफिसर के रूप में फैल गया है।

 

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