क्या हैं ये रॉकेट से निकलती सफेद लकीर, आपने देखा बहुत होगा लेकिन मालूम नहीं.. तो जान लीजिए

क्या हैं ये रॉकेट से निकलती सफेद लकीर, आपने देखा बहुत होगा लेकिन मालूम नहीं.. तो जान लीजिए

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  • 2018-01-14
  • Tara Chand

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THEHOOK DESK: बचपन से हम नीचे खड़े होकर हवाई जहाज देखकर खुश होते थे, कई बार हम जहाजों से छूटने वाले रॉकेट से निकलने वाली सफेद लकीर का पीछा करते हैं। 
हम ये ही सोचते थे की से ये सफेद सफेद लकीर क्या हैं और उसे हम बहुत हैरानी से देखते थे। आज भी ऐसा ही होता हैं छोटे छोटे बच्चे रॉकेट को देखकर अपनी मम्मी पापा से यही पूछते हैं की ये सफेद लकीर क्या हैं पर आज तक किसी को इसका जवाब नही मिला तो चलो आज हम आपको बताते हैं ये रॉकेट से बनती ये सफेद सफेद लकीर क्या होती हैं।
 आसमान में बनने वाली इस सफेद लकीर को Contrails कहते हैं Contrails भी बादल ही होते हैं पर ये सफेद लकीर के बादल आम बादलों की तरह नही होते हैं ये हवाई जहाज या रॉकेट से बनते हैं और काफी ऊंचाई पर ही बनते हैं।
 जमीन से करीब 8 किलोमीटर ऊपर और -40 डिग्री सेल्सियस में इस तरह के बादल बनते हैं हवाई जहाज या रॉकेट के एग्जॉस्ट से Aerosols निकलते हैं जब पानी की भाप इन Aerosols के साथ जम जाती हैं तो Contrails बनते हैं।
हवाई जहाज के एग्जॉस्ट से भाप और की ठोस पदार्थ निकलते हैं इससे कार्बन डाईऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड, कार्बन मोनोऑक्साइड निकलती हैं इसके अलावा इसमें से सल्फेट और मीथेन जैसे हाइड्रोकार्बन भी निकलते हैं इनमे से कुछ Contrails बनाने में मददगार होते हैं बाकि सिर्फ प्रदुषण में सहयोग देते हैं।
ये Contrails तीन प्रकार के होते हैं :-
1.Short Lived Contrails- ये Contrails कुछ ही समय में गायब हो जाते हैं जैसे ही विमान जाता हैं ये भी लुप्त हो जाते हैं।
 

2.Persistent Contrails (Non-spreading)- ये Contrails लंबी लाइन होती हैं को आसमान में विमान जाने के बाद तक दिखती हैं उसके बनने का करण हवा में नमी होती हैं।
 3.Persistent Spreading Contrails - ये Contrails हवा में फैलने लगती हैं और ज्यादा जगह घेरती हैं ये भी नमी के करण आसमान में काफी देर तक दिखती हैं।

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