रोजाना 300 गरीब लोगों को फ्री में खाना खिलाता है ये चाय वाला, चाहता है शहर में कोई भूखा न सोए

रोजाना 300 गरीब लोगों को फ्री में खाना खिलाता है ये चाय वाला, चाहता है शहर में कोई भूखा न सोए

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  • 2018-01-14
  • niharika

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Thehook desk : मध्यप्रदेश के भोपाल शहर में पिछले चार साल से एक शख्स रोजाना करीब 300 लोगों को मुफ्त में भोजन करा रहा है। इसके लिए उसे भरपूर दान मिल रहा है। कोई भी इनके यहां से भूखा नहीं जाता है।
इनका नाम है मकबूल अहमद, जो खुद अपने चाय की दुकान चलाते हैं लेकिन फिर भी खुद ही लोगों की ‘भूख’ से लड़ रहे हैं। रोजाना करीब 300 लोगों को खाना खिलाते हैं। वो भी एकदम मुफ्त। ये वो कोई अभी से नहीं बल्कि 2013 से कर रहे हैं। मकबूल ने 1 मई 2013 से भूखे लोगों को खाना खिलाने की शुरुआत की थी। मकबूल एक चाय की दुकान करते हैं। मकबूल का कहना है कि पहले वह अपनी चाय की दुकान से होने वाले कमाई से ही लोगों के खाने का इंतजाम करते थे..
लेकिन अब तो अल्लाह की इस रसोई में इतनी बरकत होने लगी है कि यहां हजारों लोग भी आ जाएं, तो भोजन करके ही जाएंगे। उनका कहना है कि दूसरे लोगों को प्रेरणा लेने की जरूरत है, जिससे शहर में कोई भी गरीब भूखा न सोए। मकबूल कहते हैं कि जब उनके पास पैसे कम पड़ते थे तो घर से भी पैसा लेते थे। उन्होंने अकेले ही गरीबों की भूख मिटाने का ज़िम्मा उठाया था। मगर आज उनके साथ कई लोग जुड़ चुके हैं और उनकी मदद करते हैं। लोग उन्हें पैसा देते हैं। ताकि उनका ये नेक काम चलता रहे।
गर-ए-आम’ के नाम से उनकी रसोई चलती है। इस लंगर में पन्नी बीनने वाले, भिखारी, ठेले वाले और दूरदराज के गांवों से आए गरीब मजदूर जिन्हें शहर में अगर काम नहीं मिला तो वे यहां आकर पेट भर लेते हैं और फुटपाथ पर सो जाते हैं।ये गरीब लोग इस नेक काम के लिए मकबूल को दुआएं दे रहे हैं। मकबूल अहमद भले ही आर्थिक रुप से कमजोर हैं लेकिन इनका हौसला कमजोर नहीं है और जहां चाह वहां राह की तर्ज पर इनकी रसोई में दान देने वाले भी बढ़ते जा रहे हैं।
अब मकबूल इस काम को करने वाले अकेले नहीं है। उनका साथ स्थानीय लोग दे रहे हैं, क्योंकि मकबूल के पास इतना पैसा नहीं कि वो इतना खर्च कर सकें। लेकिन स्थानीय लोग चाहते हैं कि ये काम शुरू हुआ है तो बंद न हो इसलिए वो मकबूल की मदद करते हैं।

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