5 लाख में बिना मिट्टी के खेती की, आज दो साल बाद टर्नओवर हुआ 6 करोड़

5 लाख में बिना मिट्टी के खेती की, आज दो साल बाद टर्नओवर हुआ 6 करोड़

.
  • 2018-01-13
  • Tara Chand

.

THEHOOK DESK:आज तकनीक का दायरा काफी बढ़ चुका है। इसकी बदौलत अब खेती किसानी भी पूरी तरह बदल चुकी है। वैज्ञानिकों ने खेती का ऐसा ही तरीका खोजा है जिसके बारे में आप सुनेंगे तो हैरान हो जाएंगे। बिन मिट्टी के खेती करने वाले इस तरीके का नाम है 'हाइड्रोपोनिक्स'। 
 आबादी बढ़ने के साथ ही खेती करने वाली जमीन का दायरा सिमट रहा है। हाइड्रोपोनिक्स से शहरी या कस्बाई इलाकों में खेती करने का सपना देखा जा सकता है। चेन्नई के रहने वाले श्रीराम गोपाल ने बिना मिट्टी के खेती करने वाले एक स्टार्ट अप की शुरुआत की है। उनका टर्नओवर इस साल छह करोड़ तक पहुंच चुका है। 2015-16 में उनका टर्नओवर सिर्फ दो करोड़ था। यानी इस बिजनेस में हर साल 300 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हो रही है।
दुनियाभर में पानी की किल्लत महसूस की जा रही है। खेती करने वाली जमीन का दायरा सिमट रहा है और शहरी क्षेत्रों का विकास होता चला जा रहा है। सबसे बड़ी मुश्किल बंजर और रेगिस्तानी इलाकों में होती है। जहां न तो पानी होता है और न ही उपजाऊ जमीन। इससे आने वाले समय में कृषि उत्पादन पर असर पड़ सकता है। लेकिन इस मुश्किल का हल भी खोज लिया गया है। जिसमें बिना मिट्टी के खेती हो रही है और पानी भी सामान्य खेती के मुकाबले 90 प्रतिशत कम लगता है। जब लागत कम होगी तो जाहिर सी बात है कि फायदा ज्यादा ही होगा। 
श्रीराम बताते हैं कि 2014-15 में उनका टर्नओवर सिर्फ 38 लाख रुपये था लेकिन एक साल में ही यह बढ़कर 2 करोड़ हो गया।श्रीराम इससे पहले खुद की स्थापित की गई एक आईटी कंपनी चलाते थे। लगभग पांच साल पहले उनके एक दोस्त ने यूट्यूब पर हाइड्रोपोनिक्स का एक विडियो दिखाया जिससे वे काफी प्रभावित हुए। उनके पिता की पुरानी फैक्ट्री में काफी जगह पड़ी हुई थी।
वहां उन्होंने मिट्टी रहित खेती करने की सोची। उनके पिता की फैक्ट्री में फोटो फिल्म डेवलप करने का काम होता था, लेकिन बदलते जमाने में फोटो फिल्म की जरूरत खत्म हो गई और इसके साथ ही उनकी फैक्ट्री भी बंद हो गई। बचपन से ही कैमरों के आस पास जीवन बिताने वाले श्रीराम ने इंजिनियरिंग करने के बाद चेन्नई में ही कैमरे की एक दुकान डाल दी थी।
इसके बाद उन्होंने किसी नए बिजनेस में हाथ आजमाने की सोची। उसी दौरान उन्हें हाइड्रोपोनिक्स के बारे में जानकारी मिली। श्रीराम ने सिर्फ 5 लाख रुपये में सिनामेन थिंकलैब प्राइवेट लैब लिमिटेड से अपना यह स्टार्टअप शुरू किया था आज उनका टर्नओवर 6 करोड़ सालाना पहुंचने वाला है। ट्रांसपैरेंसी मार्केट रिसर्च के मुताबिक ग्लोबल हाइड्रोपोनिक्स मार्केट अभी 6,9340 लाख डॉलर का है और 2025 में इसके 12,106 लाख अमेरिकी डॉलर के हो जाने की उम्मीद है।

Leave A comment

ट्विटर