'मैं तुम्हारी आंखों में अपनी मोहब्बत का इकरार देखना चाहता हूं'...

'मैं तुम्हारी आंखों में अपनी मोहब्बत का इकरार देखना चाहता हूं'...

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  • 2017-12-10
  • Tara Chand

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THEHOOK DESK: "अगर मैं चोर हूं तो मुझसे चोरी कराने वाले तुम हो और अगर मैं मुजरिम हूं तो मुझसे जुर्म कराने वाले तुम हो.... 1982 में आई फिल्म 'विधाता' का ये डायलॉग भारतीय सिनेमा के ट्रेजडी किंग दिलीप कुमार की लोकप्रियता को और बढ़ाता है।
आज बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता दिलीप कुमार 95 साल के हो गए। दिलीप कुमार को अपने दौर का बेहतरीन अभिनेता माना जाता है। बेहतरीन एक्टर्स में शुमार दिलीप कुमार ने हिंदी सिनेमा में पांच दर्शकों के दिल पर राज किया। 
दिलीप कुमार को भारतीय फिल्मों में यादगार अभिनय करने के लिए फिल्मों का सर्वोच्च सम्मान दादा साहब फाल्के पुरस्कार के अलावा पद्म भूषण, पद्म विभूषण और पाकिस्तान का सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'निशान-ए-इम्तियाज़' से से भी सम्मानित किया जा चुका है। दिलीप कुमार का जन्‍म पाकिस्‍तान के पेशावर में हुआ था। बहुत कम लोगों को मालूम होगा कि उनका असली नाम मुहम्‍मद युसूफ खान है। 
12 सदस्‍यों वाले पश्‍तून परिवार में जन्‍मे दिलीप साहब के पिता गुलाम सरवार एक फलों के कारोबारी थे। उनके पेशावर और देवलाली में फलों के बाग थे। दिलीप साहब की शुरुआती पढ़ाई लिखाई नासिक के करीब देवलाली में प्रतिष्‍ठ‍ित बार्न्‍स स्‍कूल में हुई। 1930 के दशक के आखिर में उनका परिवार मुंबई शिफ्ट हो गया। 1940 में दिलीप कुमार ने घर छोड़ दिया और पुणे चले गए। वहां वे कैंटीन चलाने लगे। साथ ही ड्राई फ्रूट्स के सप्‍लायर बन गए।
1943 में पुणे की एक मिलिट्री कैंटीन में उन पर बॉम्‍बे टॉकीज के ओनर एक्‍ट्रेस देविका रानी और उनके पति हिमांशु राय की नजर पड़ी। उन्‍होंने 1944 में बनी फिल्‍म ज्‍वारभाटा के लीड रोल के लिए दिलीप कुमार को साइन किया। इसी फिल्‍म से दिलीप कुमार ने बॉलीवुड में एंट्री की। हिंदी राइटर भगवती चरण वर्मा ने युसूफ खान को दिलीप कुमार नाम दिया।
दिलीप कुमार एक्‍ट्रेस मुधबाला के प्‍यार में पड़े। दोनों की मुलाकात 'तराना' फिल्‍म के सेट पर हुई थी। बाद में दोनों ने संगदिल', 'अमर' और 'मुगल ए आजम' में साथ काम किया। ऐसा माना जाता है कि दोनों में नौ साल तक रिश्‍ते रहे। हालांकि, मधुबाला के पिता अताउल्‍ला खान उनकी शादी के खिलाफ थे। इसके बाद, दिलीप कुमार और मधुबाला के रास्‍ते अलग हो गए।
1966 में दिलीप कुमार ने अपने से 20 साल से भी छोटी उम्र की सायरा बानू से शादी की। सायरा उस वक्‍त 22 साल की थीं। 1980 में दिलीप कुमार ने दूसरी बार असमा से शादी की, लेकिन यह रिश्‍ता ज्‍यादा दिन नहीं चला। 'ज्‍वार भाटा' फिल्‍म में दिलीप कुमार को किसी खास नोटिस नहीं किया गया। उसके पास 1947 में बनी 'जुगनू' उनकी पहली हिट फिल्‍म थी। इस फिल्‍म की एक्‍ट्रेस नूर जहां थीं। इसके अगले साल 1948 में आई दिलीप कुमार की 'शहीद' भी हिट रही।
1949 में राज कपूर, नर्गिस जैसे सितारों और लव ट्राएंगल जैसे सब्‍जेक्‍ट पर बनी अंदाज में दिलीप कुमार ने काम किया। 50 के दशक में उन्‍होंने कई ऐसी फिल्‍मों में काम किया, जिसकी वजह से उन्‍हें ट्रेजडी किंग का खिताब मिला। ये फिल्‍में थीं, जोगन, दीदार, दाग, देवदास, यहूदी और मधुमती।1952 में दिलीप कुमार ने अपनी ट्रेजडी किंग वाली छवि बदलनी चाही और 1952 में बनी फिल्‍म 'आन' में हल्‍की फुल्‍की भूमिका निभाई। ऐसे ही रोल उन्‍होंने आजाद (1955), नया दौर (1957) और कोहिनूर (1960) में किए।
1961 में दिलीप कुमार ने 'गंगा जमुना' फिल्‍म प्रोड्यूस की। इस फिल्‍म में उन्‍होंने और उनके भाई नासिर खान ने भी काम किया। इसके अगले साल, दिलीप कुमार को ब्रिटिश डायरेक्‍टर डेविड लीन की फिल्‍म 'शेरिफ अली' में काम करने का प्रस्‍ताव मिला। उन्‍होंने फिल्‍म में काम करने से इनकार कर दिया।
1970 के दशक में दिलीप कुमार ने करियर में कुछ उतार आया। 1976 में बनी 'बैराग' में उन्‍होंने ट्रिपल रोल निभाया, लेकिन यह फिल्‍म फ्लॉप हो गई। 1970 में दिलीप कुमार अपनी पत्‍नी सायरा बानो के साथ 'गोपी' और बंगाली फिल्‍म 'सगीना महतो' में दिखे। ये दोनों ही फिल्‍में बॉक्‍स ऑफिस पर पिट गईं। इसके बाद, दिलीप कुमार ने 1976 से 1981 तक फिल्‍मों से ब्रेक ले लिया। पांच साल के अंतराल के बाद दिलीप साहब की वापसी 1981 में बनी 'क्रांति' फिल्‍म से हुई। इसमें उनके साथ मनोज कुमार, शशि कपूर, हेमा मालिनी और शत्रुघ्‍न सिन्‍हा जैसे सितारों ने काम किया। यह फिल्‍म उस साल की सबसे बड़ी हिट्स में शामिल रही। दिलीप कुमार ने सुभाष घई के साथ आखिरी बार 1991 में फिल्‍म 'सौदागर' में काम किया। इस फिल्‍म में दिलीप कुमार के अलावा राजकुमार भी थे।
आपको बता दे कि दिलीप साहब का जन्मदिन खास बनाने के लिए लिये उनकी पत्नी सायरा बानो ने कुछ खास इंतजाम किए हैं। उन्होंने इंटरव्यू में बताया कि वो उनकी पसंदीदा बिरयानी और वनीला आइसक्रीम बनाने वाली हैं। बानो ने कहा कि वह इस बार जन्मदिन का जश्न मनाने की योजना नहीं बना रहीं क्योंकि कुमार अब भी निमोनिया से ठीक हुए हैं। लेकिन उन्हें बिरयानी पसंद है और वह उनके लिये बनेगी। 

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