हादसे में गंवाए दोनों पैर, फिर भी सारा दिन खड़े होकर पालता है परिवार का पेट

हादसे में गंवाए दोनों पैर, फिर भी सारा दिन खड़े होकर पालता है परिवार का पेट

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  • 2017-12-07
  • Naina shriwastava

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THE HOOK DESK:  ये हैं प्रकाश...प्रकाश हैदराबाद में सैलून चलाते हैं। वैसे तो ये दिव्यांग हैं लेकिन इनके हौसले और जज्बे से भरी ये कहानी हर उस दिव्यांग के लिए मिसाल है जो जिंदगी जीना छोड़ देते हैं। 
तस्वीरों में जिन पैरों के सहारे खड़े होकर प्रकाश बाल काट रहे हैं, आपको जानकर हैरानी होगी कि असल में उनके ये पैर असली नहीं बल्कि नकली है। दरअसल, हुआ यूं कि प्रकाश की जिंदगी उस वक्त अंधेरे में आ गई जब बस के नीचे आ जाने से इनके दोनों पैर कट गए। प्रकाश की जिंदगी तो बच गई। लेकिन उन्होंने हमेशा के लिए अपने पैर खो दिए। 

दोनों पैर खोने के बाद भी प्रकाश ने हार नहीं मानी और चल पड़े जिंदगी की रेस में। वह सारा दिन अपने नकली पैरों के सहारे खड़े होकर अपने परिवार का पेट पाल रहे हैं। 
प्रकाश का कहना है कि उन्हें दिव्यांग होने का कोई मलाल नहीं है, क्योंकि दिव्यांग होने के बाद भी वह सारा काम कर रहे हैं। इतना ही नहीं वह हर रोज घंटों तक खड़े रहते हैं, ताकि अपने परिवार का पेट पाल सकें। प्रकाश बताते हैं कि उन्हें किसी के सहारे चलना पसंद नहीं है।
वह किसी पर निर्भर रहना नहीं चाहते हैं। प्रकाश के इस सैलून से जितनी कमाई होती है वह उसी से घर चलाते हैं। उनके हौसले को जो भी देखता है वह वाकई उन्हें सैल्यूट किए बिना नहीं रह पाता है। 

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