..तो ये है आईफिल टावर की चमक का राज, बल्ब बदलने के लिए की जाती है इतनी मेहनत

..तो ये है आईफिल टावर की चमक का राज, बल्ब बदलने के लिए की जाती है इतनी मेहनत

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  • 2017-12-05
  • niharika

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Thehook desk : आईफिर टावर का नाम तो सभी ने सुना होगा। लेकिन क्या आपको पता है कि इसके चमक का राज क्या है। चलिए आपको बताते हैं कि इसके चमक के लिए कैसे-कैसे जतन किए जाते हैं।
हर चार साल बाद आईफिल टावर में लगी लाइट के बल्ब बदले जाते हैं। इतनी ऊंचाई पर ये काम करना आसान नहीं, इसीलिए बल्ब बदलने के लिए पेशेवर क्लाइम्बरों का सहारा लिया जाता है।  बल्ब बदलने वालों के लिए पहली शर्त यह है कि उन्हें डाविड कालिच की तरह ऊंचाई से नीचे देखने में डर न लगे। पेशेवर क्लाइम्बरों को चार साल बाद 10,000 बल्ब बदलने होते हैं और इलेक्ट्रिसिटी के सॉकेटों को भी साफ करना पड़ता है।
बल्ब बदलने के काम में लगे तकनीशियनों को बेहद सावधान रहना पड़ता है। जरा सी चूक का मतलब है गंभीर चोट लगने का खतरा।
तकनीशियन सुरक्षा के लिए हेलमेट, पोशाक, खास बेल्ट और हुकों से लैस रहते हैं। धातु के इस विशाल फ्रेम में सेफ प्लेटफॉर्म भी हैं, जहां तकनीशियन बीच में बीच में आकर आराम कर सकते हैं।

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