पुराने गैजेट्स के साथ क्या करना है पता नहीं, तो फेंक दीजिए यहां बने पहले ई-कचरा बिन में...

पुराने गैजेट्स के साथ क्या करना है पता नहीं, तो फेंक दीजिए यहां बने पहले ई-कचरा बिन में...

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  • 2017-11-21
  • Tara Chand

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THEHOOK DESK:शायद आपको ना पता हो.. दिल्ली और मुंबई के बाद बेंगलुरू  भारत का तीसरा ई-वेस्ट प्रोडूसर है।
हर साल यहां 37,000 मीट्रिक टन बेकार इलेक्ट्रॉनिक उत्पन्न होता है। इसी को देखते हुए साल के शुरूआत में एनजीओ Saahas and Environmental Synergies in Development (ensyde) ने करीबन 12 ई-वेस्ट ड्रॉप बॉक्स पोस्ट ऑफिसस में लगाए थे। 10 महीने में इनमे करीब 4.4 टन बेकार इलेक्ट्रॉनिक इक्ट्टठा हुए। 
  उन्होंने इसमे से 306 किलोग्राम धातु को पुनर्प्राप्त किया। जबकि 26.34 किलोग्राम विषैले धातुएं लैंडफिल से हटा दिया गया। ज्यादा इलेक्ट्रॉनिक बेकार चीजें बाहर आने के बाद NGO ने RWA बीएम कवल की मदद से बेंगलरु में पहला ई-वेस्ट डस्टबिन लगाया है। इस बिन को बीते शनिवार को CMH रोड पर लगाया गया। 

ensyde के सीईओ, मैनवेल अलूर ने बताया कि ये बिन जैसे ही वेस्ट प्रोडक्ट को लेगा वो सीधा रिसाइकल के लिए आगे भेज देगा।  इस बिन में दो जगह से खुलने की व्यवस्था है। पहला तो उपर बना है और दूसरा बीच में।  उपर से खुलने वाला बड़े आकार के ई-वेस्ट डालने में इस्तेमाल होगा। वहीं बीच वाला छोटे चीजों के काम आएगा।
आसपास के लोग इसके लगने से काफी खुश है। इसको देखते हुए बाकी RWA भी कुछ ऐसे ही मेडिकल वेस्ट बिन लगाने पर विचार कर रहे हैं, जिससे उनका भी रिसाइकल किया जा सके। 

 
   

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