बिना शादी के मां बनी थी स्मिता, मरने के बाद बनाया गया दुल्हन, छोटे से करियर में बनी बड़ी स्टार

बिना शादी के मां बनी थी स्मिता, मरने के बाद बनाया गया दुल्हन, छोटे से करियर में बनी बड़ी स्टार

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  • 2017-11-16
  • niharika

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Thehook desk :  स्मिता पाटिल भारतीय सिनेमा की आइकन अभिनेत्री रही हैं। वो अपनी जिंदगी के कुछ ही साल फिल्मों को दे पाईं थी और इन चंद सालों में ही वे अंतर्राष्ट्रीय स्तर की अभिनेत्री बन कर छा गयीं थी। 17 अक्टूबर को पैदा हुईं स्मिता पाटिल अगर आज जिंन्दा होतीं तो हम उनका 62 वां जन्मदिन मना रहे होते।।। 31 साल की कम उम्र में ही स्मिता पाटिल का निधन हो गया था।
फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया (आईआईटीएफ) से स्नातक स्मिता पाटिल ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत 'चरणदास चोर' (श्याम बेनेगल निर्देशित) से 1975 में की और सिर्फ 10 साल के अपने कैरियर में 'बेस्ट एक्ट्रेस' के 7 अवॉर्ड हासिल किए। उनमें एक गज़ब की क्वालिटी थी और वो ये कि कैमरा स्मिता पाटिल को बहुत प्यार करता था।
राज जब फिल्मों में अपनी जगह बनाने के लिए जद्दोजहद कर रहे थे तभी उनकी मुलाकात सज्जाद जहीर की बेटी नादिरा से हुई। इन मुलाकातों ने बढ़ते-बढ़ते प्यार का शाक्ल अख्तियार कर लिया। साल 1975 में राज ने मशहूर थिएटर आर्टिस्ट और फिल्म निर्देशक नादिरा से शादी कर ली।पर राज की जिंदगी से प्यार की तलाश अभी पूरी नहीं हुई थी। साल 1982 में राज ने स्मिता पाटिल के साथ एक फिल्म की 'भीगी पलकें'। इस फिल्म की शूटिंग के समय ही स्मिता राज के शांत स्वभाव एवं अभिनय प्रतिभा से प्रभावित हुई और दोनों एक दूजे के प्रेम-बंधन में बंधते चले गए।साल 1985 में जब स्मिता और राज के प्यार के किस्से राज की पत्नी नादिरा के कानों तक पहुंचें तो उन्होंने राज से साफ कह दिया कि मुझे या स्मिता दोनों में से किसी एक को चुनना होगा।स्मिता के प्यार में पागल राज ने प्यार के लिए घर छोड़ दिया और साल 1986 में स्मिता पाटिल के साथ शादी कर ली। दोनों का एक बेटा भी हुआ प्रतीक बब्बर। प्रतीक के जन्म के बाद ही स्मिता का देहांत हो गया।
स्मिता पाटिल की जीवनी लिखने वाली मैथिलि राव कहती हैं, 'स्मिता को वायरल इन्फेक्शन की वजह से ब्रेन इन्फेक्शन हुआ था। प्रतीक के पैदा होने के बाद वो घर आ गई थीं। वो बहुत जल्द हॉस्पिटल जाने के लिए तैयार नहीं होती थीं, कहती थीं कि मैं अपने बेटे को छोड़कर हॉस्पिटल नही जाऊंगी। लेकिन जब ये इन्फेक्शन बहुत बढ़ गया तो उन्हें जसलोक हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। स्मिता के अंग एक के बाद एक फेल होते चले गए।'
जीवन के आखिरी दिनों में स्मिता का राजबब्बर के साथ रिश्ता भी कुछ बहुत सहज नहीं रह गया था। स्मिता पाटिल की एक आखिरी इच्छा थी। उनके मेक अप आर्टिस्ट दीपक सावंत बताते हैं, 'स्मिता कहा करती थीं कि दीपक जब मर जाउंगी तो मुझे सुहागन की तरह तैयार करना।'

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