कभी चुप रह कर देखिए, मौन रहने के हैं कई बड़े फायदे, इसमें है बड़ी ताकत

कभी चुप रह कर देखिए, मौन रहने के हैं कई बड़े फायदे, इसमें है बड़ी ताकत

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  • 2017-10-13
  • Ritesh Kumar

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THE HOOK DESK : विश्‍व स्वास्थ्‍य संगठन (WHO) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पर्यावरण में जिस तरह से शोर बढ़ रहा है वह हमारे स्वास्थ्य पर नकारत्मक प्रभाव डाल रहा है। ऐसे में खुद को शांत बनाए रखते हुए हम अपने स्वास्थ्य को बेहतर बना सकते हैं।
कई मनोवैज्ञानिक आत्म-शक्ति बढ़ाने, एकाग्रता, शांति और सकारात्मक सोच के लिए जीवन में क़ुछ क्षण मौन धारण करने की सलाह देते हैं। जब हम कुछ समय मौन रहते हैं, तो स्वयं से बात करते हैं, आत्मचिंतन करते हैं, जिससे नई मानसिक ऊर्जा प्राप्त होती है़।
जानिए शांत रहने के 9 फायदे:
1. एक रिसर्च के मुताबिक, दिमाग को स्वस्थ और बेहतर बनाने के लिए हर किसी को हर रोज कुछ मिनट के लिए अपने मुंह को बंद रखना चाहिए। एक दिन में कम से कम 3 मिनट शांत रहना शुरू कर दें। इससे न सिर्फ ऑफिस में बल्कि व्यक्तिगत रिश्तों में भी आप सुधार महसूस करेंगे।
2. आजकल का शोरनुमा माहौल तनाव पैदा करता है। ऐसे में अगर आप हर रोज कुछ देर चुप रहते हैं, तो इससे आपके तनाव हार्मोन के स्तर में कमी आती है जो आपके अंदर के तनाव को खत्म करता है।
3. कुछ देर शांत होकर बैठने से ब्रेन सेल्स दोबारा जेनेरेट हो जाते हैं। मतलब ब्रेन सेल्स फिर से पुनर्जीवित हो जाते हैं जो एकग्रता बढ़ाने में कारगर होते हैं।
4. अक्सर शांत रहने से आपके दिमाग की नई-नई क्रिएटिविटी उभर कर सामने आती है। हर रोज खुद को थोड़ी देर शांत रखने से आप अपने भाषा कौशल में भी दक्षता हासिल करने में सक्षम होते हैं।
5. एक शोध में पाया गया है कि जो लोग शांत रहते हैं, वह आसानी से तनावपूर्ण स्थितियों से निकल पाने में सक्षम होते हैं। कहा यह भी जाता है कि जिन लोगों को  गुस्सा अधिक आता है, वे स्ट्रेस को झेल नहीं पाते, वहीं जो लोग शांत रहते हैं वह अपने स्ट्रेस को आसानी से नियंत्रण कर लेते हैं।
6. शरीर का सबसे जटिल और ताकतवर भाग दिमाग है। जिस तरह से व्यायाम करने से मासपेशियां दुरुस्त रहती हैं वैसे ही मौन रहना स्वस्थ दिमाग के लिए जरूरी है।
7. मौन या शांत रहना डिप्रेशन और अल्ज़ाइमर जैसी गंभीर बिमारियों को दूर रखता है।
8. मनोवैज्ञानिक मानते हैं कि जब कोई शांत रहता है तो उसके दिमाग में सकारात्मक विचार आते हैं, जिसे बाद में हम अमल में लाते हैं। इससे हमारे भीतर सकारात्मक प्रवृत्ति का संचार होता है।
9. शांत होना आपको एक अच्छा श्रोता और एक बेहतर समीक्षक बनाता है। इससे आप पूरे तर्क और वितर्कों को जानने के बाद सही फैसला लेने में कारगर होते हैं।
कई शोधकर्ताओं ने ब्लड प्रेशर और मस्तिष्क में रक्त प्रवाह को आधार बनाते हुए शांत रहने का सुझाव दिया है। तो देर किस बात की, अपनी जुबान को कुछ मिनटों के लिए लगाम दीजिए और शांत होकर अपने काम में लग जाइए।

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