पहले के जमाने में अपराधियों को इस तरह दी जाती थी मौत, देखकर कांप जाती थी रूह

पहले के जमाने में अपराधियों को इस तरह दी जाती थी मौत, देखकर कांप जाती थी रूह

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  • 2017-10-13
  • Ritesh Kumar

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THE HOOK DESK : आज जहां ज्यादातर देशों में अपराधी को सजा देने के लिए उसे जेल में डाल दिया जाता है या हत्या जैसे अपराध के लिए फांसी दे दी जाती है, तो वहीं पुराने समय में अपराधी और दुश्मनों को बहुत ही दर्दनाक मौत की सजा दी जाती थी। ये ऐसे तरीके थे जिसके बारे में जानकर भी दिल दहला जाता है। अलग-अलग देशों में मौत की सजा भी डिफ्रैंट थीं। आज हम आपको बता रहे हैं पुराने दौर की सबसे भयानक और क्रूर सजाएं। 
पेट फाड़ कर निकलता था चूहा...रेट टॉर्चर
मौत देने का ये क्रूर तरीका चाइना में इस्तेमाल किया जाता था। यहां अपराधी को न्यूड लिटाकर बांध दिया जाता था और उसके पेट पर चूहों से भरा एक पिंजरा रख दिया जाता था। पिंजरे के ऊपर जलते हुए अंगार रख दिए जाते थे, जिसकी गर्मी चूहे बचने के लिए जगह बनाने लगते और व्यक्ति का पेट फाड़ देते थे।
आरी से काटना
मध्यकाल में किसी व्यक्ति को टॉर्चर करने के लिए अपराधी के दोनों पैरों को बांधकर उल्टा लटका दिया जाता था। ऐसा करने से अपराधी के शरीर का सारा खून सर में उतर जाता था। उसके बाद अपराधी के बीच में से 2 हिस्से कर दिए जाते थे।
चमड़ी उतार देना
प्राचीन ब्रिटेन में ऐसी खौफनाक सजा दी जाती थी कि देखन वालों की रुह कांप जाती थी। यहां किसी दूसरे देश के सैनिक या अपराधी को पकड़र उसकी चमड़ी शरीर से अलग कर चौराहे पर टांग दी जाती थी। चमड़ी उतारने के दौरान ही व्यक्ति दर्द से मर जाता था।
अपराधी को कांसे के बने एक विशालकाय सांड के पेट में बंद कर जलाना
प्राचीन एथेन्स में 560BC के आसपास अपराधियों को ऐसी सजा दी जाती थी देखने वाले सपने में भी जुर्म न करें। अपराधी को कांसे के बने एक विशालकाय सांड के पेट में बंद कर दिया जाता था और उसके नीचे आगे लगा दी जाती थी। कांसे का ये सांड तपकर लाल हो जाता था और इसमें बंद व्यक्ति असहनीय दर्द के साथ जिंदा जल जाता था।
शहद लपेटकर मरने के लिए छोड़ना
ग्रीस में दी जाने वाली सजा बेहद अजीब थी। यहां अपराधी काे न्यूड कर एक बोट में बांध दिया जाता था और जबरन दूध और शहद पिलाया जाता था। इसके बाद पूरी शहर पर शरीर लपेट कर जंगलों से घिरी एक नदी में छोड़ दिया जाता था।
घाव बनाकर मारना
मौत की सजा में इसे सबसे क्रूर सजा करार दिया जा चुका है। चाइन में दी जाने वाली इस सजा में धारदार चाकू से धीरे-धीरे व्यक्ति के शरीर में छोटे-छोटे घाव बनाए जाते थे और फिर तड़पा-तड़पाकर मांस निकाला जाता था। ये तब तक किया जाता था जब तक उस शख्स के प्राण न नकिल जाएं। 1905 में इस सजा को बैन कर दिया गया था। इस दौरान दया के तौर पर अपराधी को अफीम खिलाई जाती थी।
लकड़ी के खंजर में बैठाकर चीरना
प्राचीन रोम में अपराध करने वालों का लकड़ी के नुकीले खंजर पर बिठा दिया जाता था और धीरे-धीरे खंजकर हवा में उठा दिए जाते थे। इससे खंजर व्यक्ति के शरीर को चीरता हुए सिर या सीने से बाहर निकल जाता था।
द ब्रेकिंग वील
ये सजा जर्मनी में दी जाती थी, जहां अपराधी को विशाल चके में बांध दिया जाता था। द ब्रेकिंग व्हील को कैथरीना व्हील के नाम से भी जाना जाता था। इस हथियार से पीड़ित जिंदा नहीं पता था। लेकिन यह उसे इतना तड़पा कर मारता था कि देखने वालों की रूह कांप उठती थी। पीड़ित को वहीं से बांधकर उस पर हथौड़े से तब तक पर वॉर किया जाता था जब तक उसके शरीर की हड्डियां टूट नहीं जाती।

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