भारत की पहली महिला जिसने खरीदी है 3.32 करोड़ की lamborghini कार

भारत की पहली महिला जिसने खरीदी है 3.32 करोड़ की lamborghini कार

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  • 2017-10-12
  • Ritesh Kumar

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THE HOOK DESK : महंगे शौक रखना बड़ी चीज है, मगर उससे भी बड़ी बात उसे पूरा कर दिखाना है। इस बात का ताजा उदाहरण है चूरू की बेटी शीतल दुग्गड़। शीतल ने 3.32 करोड़ रुपए की सुपर लग्जरी स्पोट्र्स कार लेम्बोर्गिनी खरीदने का अपना सपना हाल ही पूरा किया है।
कमला गोइन्का फाउंडेशन, मुंबई की ओर से दिया जाने वाला प्रतिष्ठित राजस्थान अनमोल रत्न सम्मान वर्ष 2017 के लिए चूरू मूल की कार रेसर शीतल दूगड़ को दिया जाएगा। फाउंडेशन के प्रबंध न्यासी श्याम सुंदर गोइन्का ने यह घोषणा करते हुए बताया कि फाउंडेशन की ओर से साहित्य से इतर अन्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करने वाली प्रतिभाओं को यह सम्मान दिया जाता है। 
इससे पूर्व एवरेस्ट विजेता गौरव शर्मा, मूर्तिकार अर्जुन प्रजापति जैसी प्रतिभाओं को यह सम्मान दिया जा चुका है। अक्टूबर महीने में जयपुर में होने वाले फाउंडेशन के भव्य समारोह में उन्हें यह सम्मान प्रदान किया जाएगा।
बता दें कि पिछले दिनों 3.32 करोड़ की लिबोर्गिनी ‘ओरो इलिओस’ कार खरीदकर चर्चा में आई कोलकाता की शीतल दूगड़ 315 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से कार चलाती हैं और कोलकाता की सबसे तेज फीमेल ड्राइवर हैं और इंडिया स्पीड वीक समेत कई कॉम्पिटीशन में चैंपियन बन चुकी हैं। 
शीतल लेम्बोर्गिनी कार खरीदने वाली पहली भारतीय महिला भी बन गई हैं। ये चूरू जिला मुख्यालय पर मालजी के कमरे के पास रहने वाले शांतिलाल बैद की बेटी हैं। वर्तमान में कोलकाता के बालीगंज में रहती हैं। 
40 वर्षीय शीतल हाउसवाइफ हैं। इनके पति विनोद दुग्गड़ बिजनेसमैन हैं। बीकानेर जिले के देशनोक निवासी विनोद के साथ 1996 में शीतल की शादी हुई थी। इनके तीन बेटी हैं। इनका रीयल स्टेट का बिजनेस है। पिता शांतिलाल बैद का भी कोलकाता में बिजनेस है। शीतल कई संस्थाओं से जुड़ी हैं तथा जैन इंटरनेशनल वुमन ऑर्गेनाईजेशन में प्रेसीडेंट का जिम्मेदारी संभाल रही हैं।
शीतल दुग्गड़ कहती हैं, 'बचपन में टीवी पर कार रेसिंग देखती थी। सोचा नहीं था कि कार चलाना ही एक दिन मेरा पैशन बन जाएगा। शादी के बाद पति से कार चलाना सीखा और लेम्बोर्गिनी भी खरीद ली। मुझे खुशी है कि यह कार खरीदने वाली मैं पहली भारतीय महिला बनी।' 
संस्था के जरिए आई कैंप, हैल्थ से जुड़ी सेमीनार, जरूरतमंद बच्चों को शैक्षणिक सामग्री की मदद देना आदि सोशल सर्विस से जुड़े काम कर रही हैं। साथ ही महिलाओं को डिजिटलाइजेशन से जोड़ने के लिए भारत सरकार से भी जुड़कर काम किया है।
कार की खासियत - 3.2 सैकण्ड में 100 किमी प्रति घंटे की स्पीड पकड़ लेती है। इस कार की टॉप स्पीड 325 किमी प्रति घंटा है। दुनिया में सबसे पावरफुल इंजन 5.2 लीटर वी10 इसमें लगा है। इसमें ऑटोमेटिक सात स्पीड वाला ट्रांसमिशन गियर सिस्टम भी लगा है। 
कार का यह मॉडल ओरो एलिऑय है। कार का कलर गोल्डन है। इस कलर की यह इकलौती कार है।

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