कभी दिन में एक बार मिलता था खाना, कभी मैगी से चलाना पड़ता था काम, आज करोड़ों का है मालिक

कभी दिन में एक बार मिलता था खाना, कभी मैगी से चलाना पड़ता था काम, आज करोड़ों का है मालिक

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  • 2017-10-12
  • Shashi Kant

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THE HOOK DESK क्रिकेटर हार्दिक पंड्या की तुलना पूर्व स्टार ऑलराउंडर कपिल देव से हो रही है। आज उनके पास पैसा है, शोहरत है, सबकुछ है। लेकिन एक वक्त ऐसा भी था, जब उनकी जिंदगी बेहद मुश्किलों में गुजरी थी। कई बार उनको भूखे पेट सोना पड़ता था।

हार्दिक पंड्या का जन्म 11 अक्टूबर 1993 को गुजरात के सूरत में हुआ था। उनके पिता कार फाइनेंस का छोटा सा बिजनेस करते थे। हार्दिक पंड्या जब 5 साल के थे तो उनके पिता का बिजनेस घाटे की वजह से बंद हो गया। इसके बाद उनका परिवार बड़ौदा शिफ्त हो गया।

बड़ौदा में पंड्या परिवार किराये के एक मकान में रहने लगा। पंड्या की आर्थिक हालत ठीक नहीं थी। कई बार ऐसा भी हुआ कि हार्दिक और उनके बड़े भाई कुणाल को दिन में एक बार ही खाना मिल पाता था।

हार्दिक के पिता को एक रात में दो बार हार्ट अटैक आया था। जबकि 6 महीने के भीतर तीसरा हार्ट अटैक आया था। उनके परिवार की आर्थिक हालत बेहद खराब हो गई थी। सेहत ठीक नहीं होने की वजह से पिता की नौकरी भी चली गई थी।

एक इंटरव्यू में हार्दिक ने कहा था कि एक बार जब वो अंडर-19 की टीम में थे, उस वक्त उनकी डाइट मैगी हुआ करती थी। हार्दिक को मैगी बहुत पसंद थी, लेकिन दोनों टाइम मैगी खाने की वजह ये नहीं थी, बल्कि उनकी आर्थिक हालत खराब थी। इसलिए उनको मैगी से काम चलाना पड़ता था।

हार्दिक के मुताबिक जब वो 17 साल के थे, तब उनके पास खुद की क्रिकेट किट भी नहीं थी। हम दोनों भाइयों ने करीब सालभर तक बड़ौदा क्रिकेट एसोसिएशन से क्रिकेट किट लेकर काम चलाया। पंड्या के मुताबिक उस वक्त लोगों को बड़ी हैरानी होती थी कि हम कार से आते-जाते हैं लेकिन हम लोगों के पास अपनी क्रिकेट किट क्यों नहीं है।

हार्दिक और उनके भाई ने जैसे-तैसे पैसे जोड़कर कार खरीदी थी। उसके बाद हमारे पास कोई सेविंग्स नहीं बची थी। हार्दिक को उस वक्त 40 हजार रुपए सालाना मिलते थे, उसमें से भी 4 हजार रुपए TDS कट जाता था। वो जो भी कमाते थे वो कार लोन की किस्त में निकल जाता था। पंड्या के मुताबिक आईपीएल में खेलने के 6 महीने बाद तक उनकी जिंदगी ऐसे ही कटती रही।

जब हार्दिक पंड्या 5 साल के थे और उनके भाई 7 साल के थे तो उनका एडमिशन किरण मोरे की क्रिकेट एकेडमी में कराया गया था। टीम इंडिया के पूर्व विकेटकीपर किरण मोरे ने परिवार की आर्थिक हालात देखते हुए पहले तीन साल तक कोई फीस भी नहीं ली थी। वहीं खेल को लेकर बेटों की लगन को देखकर ही उनके पिता बड़ौदा से मुंबई शिफ्ट हो गए थे।

आज हार्दिक पंड्या करोड़पति हैं। पंड्या टीम इंडिया में खेलने के अलावा IPL में मुंबई इंडियन्स टीम से भी खेलते हैं और अलग-अलग कंपनियों के साथ उनकी ब्रांड एंडोर्समेंट डील भी है। हार्दिक को बीसीसीआई ने प्लेयर्स की ग्रेड-सी में रखा है। उनको एक टेस्ट खेलने के बदले 15 लाख रुपए की मैच फीस, वनडे खेलने के बदले 6 लाख और टी-20 मैच के लिए 3 लाख रुपए मैच फीस के तौर पर मिलते हैं। इसके अलावा उनकी रिटेनर फीस 50 लाख रुपए है। IPL में खेलने के बदले उन्हें 1 करोड़ रुपए सालाना मिलते हैं।

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