इसपर कोई भी फर्जी सेकुलर कुछ नहीं बोलेंगे, क्योंकि मुस्लिम कहते हैं कि यह इस्लाम के खिलाफ है

इसपर कोई भी फर्जी सेकुलर कुछ नहीं बोलेंगे, क्योंकि मुस्लिम कहते हैं कि यह इस्लाम के खिलाफ है

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  • 2017-10-11
  • Shashi Kant

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THE HOOK DESK सुप्रीम कोर्ट ने नाबालिग पत्नी से शारीरिक संबंध बनाने को लेकर बड़ा फैसला दिया है। कोर्ट ने कहा कि नाबालिग पत्नी से शारीरिक संबंध बनाना रेप का अपराध है। कोर्ट ने फैसले में कहा है कि सहमति से सेक्स करने की उम्र बनाने को कम नहीं किया जा सकता है। 15 से 18 साल की पत्नी से शारीरिक संबंध बनाना रेप की श्रेणी में आएगा। कोर्ट ने इस प्रावधान को पोक्सो के साथ जोड़ा है।

सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर खूब चर्चा हो रही है। हैशटेग #maritalrape ट्रेंड हो रहा है। यूजर्स अपनी-अपनी राय रख रहे हैं। ज्यादातर लोग इसे सही ठहरा रहे हैं, जबकि कुछ लोगों का कहना है कि जब नाबालिग शादी ही गैर-कानूनी है तो संबंध अपने आप अपराध हो जाएगा। ये कोई नई बात नहीं है।
एक यूजर ने लिखा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला- 18 साल से कम उम्र की पत्नी के साथ शारीरिक संबंध बनाना रेप माना जाएगा।
एक यूजर ने सवाल उठाया है कि क्या यह सिर्फ हिंदुओं के लिए है? मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने शरिया के मुताबिक 15 साल की लड़की की शादी को अनुमति दी है। क्या वो सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लागू करेंगे?
अंतत: एक फैसले ने मैरिटल रेप को एक बड़े दायरे में देखा है। शारीरिक प्रताड़ना को फिर से परिभाषित करने की तरफ यह पहला कदम है।
एक यूजर ने लिखा है कि सिर्फ नाबालिग के लिए क्यों? क्यों नहीं मैरिटल रेप सभी महिलाओं के लिए क्राइम है और उसी के मुताबिक उनपर कानून लागू हो?
एक यूजर ने लिखा कि इसपर कोई भी फर्जी सेकुलर कुछ नहीं बोलेंगे, क्योंकि मुस्लिम कहते हैं कि यह इस्लाम के खिलाफ है।
किसी भी सूरत में बिना सहमति के छूना, संपर्क करना या  किसी भी उम्र में पत्नी के साथ शारीरिक संबंध बनाना रेप की तरह लिया जाना चाहिए।

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