जापान की जेलों में अंग्रेजों को यूं करते थे टॉर्चर, यहां कैदी सिर्फ अपनी मौत की भीख मांगता था

जापान की जेलों में अंग्रेजों को यूं करते थे टॉर्चर, यहां कैदी सिर्फ अपनी मौत की भीख मांगता था

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  • 2017-09-14
  • Monika Singh

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THEHOOK DESK: विश्वयुद्ध ने दुनिया के सभी देशों को जख्म दिए है। हजारों लाखों लोगों की मौत की वजह, जापान में हिरोशिमा और नागासकी पर हुआ परमाणु हमला। आज भी उस तबाही के मंजर के बारे में सोच कर ही सिहर जाते हैं। आज हम आपको उसी समय की एक दर्दनाक सच्चाई से वाकिफ करवाने वाले हैं। 
कुछ समय पहले दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान जापान के जेलों में बंद अंग्रेजी कैदियों की तस्वीरें सामने आई हैं, जिन्हें देख कोई भी जापानियों के द्वारा अंग्रेजों पर होने वाली निर्ममता का अंदाजा लगा सकता है। इस हद तक बंदियों को टॉर्चर किया जाता था कि आप सिहर जाए। 
सेकंड वर्ल्ड वॉर के समय 1945 में जापानी सेना ने कई अंग्रेजों को पकड़ लिया था। इन विदेशी कैदियों को जेल में कई तरह से टॉर्चर किया जाता था।
जिसमें भूखा रखना सबसे ज्यादा पसंद किया जाता था। जापानियों ने इन कैदियों की फोटोज क्लिक करवाने के लिए खास तौर पर फोटोग्राफर्स बुलाए थे, ताकि सबूत सुरक्षित रखे जा सके।
जापान की जेलों में पकड़े गए अंग्रेजी सैनिकों को हड्डियों के ढांचे में बदल दिया जाता था। उन्हें खाना नहीं दिया जाता था। कैदियों को भूखा रख मारा जाता था।
अगर कोई भागने की कोशिश करता तो उसका गला काट दिया जाता था। बाद में इन कैदियों को टॉर्चर करने वाले लोगों को सजा तो दी गई, लेकिन तब तक इन अंग्रेजी कैदियों को नर्क भोगना पड़ा।
पकड़े गए सैनिकों के साथ जापानी जेलों में जानवरों सा सुलूक किया जाता था। जिनका काम वॉर में बन्दूक चलाना होता था, उनसे खदानों और खेतों में मजदूरी करवाई जाती थी। काम के बीच में सुस्ताने पर उनपर लाठियां बरसाई जाती थी।

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