डॉक्टर भी पीछे हट गए थे इस बच्ची को बचाने के लिए लेकिन मां-बाप ने दिया जीने का हक

डॉक्टर भी पीछे हट गए थे इस बच्ची को बचाने के लिए लेकिन मां-बाप ने दिया जीने का हक

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  • 2017-09-14
  • Monika Singh

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 THEHOOK DESK: 3 साल के बच्चे की मां को डॉक्टरों ने ऑबर्शन की सलाह दी थी। क्योंकि उन्हें पहले ही पता चल गया था कि बच्चे के पैदा होते ही उसे हॉर्ट प्रॉब्लम हो सकती है। लेकिन फिर पैरेंट्स ने अपने बच्चे की जिंदगी जीने का हक नहीं छीना।
साउथ वेल्स के रहने वाले एम्मा समरहिल, और उनके पति के सामने डॉक्टरों ने उनके ना जन्मे बच्चे के लिए तीन शर्तें रखी थी। जिसमें से एक वो अपने बच्चे का गर्भपात करवा दें, दूसरा उसके सामान्य तौर पर मरने दें। और आखिरी ये था कि डॉक्टर उसे बचाने के लिए जबतक हो उसकी हार्ट सर्जरी की जाए। 
हेरिएट आज 3 साल की हो गई है उसका सिर्फ आधा दिल ही काम करता है। उसकी अभी तक दो हार्ट सर्जरी हो चुकी है। और तीसरी होने का इंतजार कर रही है। उसके माता-पिता की हिम्मत की दाद देनी चाहिए कि उन्होंने इतनी हिम्मत दिखाई, और डॉक्टरों के मना करने के बाद भी उसके मां-बाप ने अपनी बेटी को जीने का मौका दिया। 
हेरिएट pulmonary atresia से ग्रस्त है। जिसके कारण उसके दिल ने वाल्व का विकास नहीं किया, जो सही वेंट्रिकल से रक्त की फुफ्फुसीय धमनी तक का प्रवाह नियंत्रित करता है, जिसका मतलब है कि रक्त हृदय के दाहिनी ओर से प्रवाह नहीं कर सकता है।
हेरिएट कब तक जिंदा रहेगी ये किसी को नहीं पता लेकिन वो फिर भी रोजाना अपनी लाइफ की लडाई लड़ रही है। 

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