जब सरकार ने नहीं सुनी गुहार तो गांववालों ने खुद संभाली कमान और बना दी गांव की सड़क

जब सरकार ने नहीं सुनी गुहार तो गांववालों ने खुद संभाली कमान और बना दी गांव की सड़क

.
  • 2017-09-12
  • Shashi Kant

.

मध्य प्रदेश के ग्वालियर में जब लाख गुहार के बाद भी सड़क नहीं बनी तो गांववालों ने खुद इसकी जिम्मेदारी उठाई। मुख्यालय से 48 किलोमीटर दूर चांदीपुरा में गांव वालों को पानी भरने और कीचड़ भरे रास्ते से गुजरना पड़ता है। लेकिन गांव वालों ने संकल्प लिया और पंचायत सचिव के साथ मिलकर बिना शासन की मदद के रोड बनाना शुरू कर दिया।

मुरम से 800 मीटर लंबी यह रोड अब तैयार होने की स्थिति में पहुंच गई है। आगामी दो दिन में यह रोड पूरी तरह तैयार हो जाएगी। वहांगांव वालों की डिमांड सीसी या डामर रोड की नहीं रही वे वहां सिर्फ मुरम की रोड मांग रहे थे लेकिन इन्हें वह भी नसीब नहीं हुई।

पंचायत श्योपुर सहित प्रशासनिक अफसरों ने भी वहां की चिंता नहीं की। पानी भरने के कारण गांव वाले विशेषकर महिला एवं बच्चों को आने-जाने में दिक्कत पैदा होती थी इसी बात से परेशान गांव के युवाओं ने साहस जुटाकर चंदा करना शुरू कर दिया और जुट गए रोड बनाने में। कीचड़ से भरा ऊबड़-खाबड़ यह रास्ता अब समतल दिखाई देने लगा है। इस राह को आसान बनाने में पंचायत सचिव रामसेवक, रवि गुर्जर, ट्रोला गुर्जर, जगदीश गुर्जर, मान सिंह, तथा लखन गुर्जर ने अहम भूमिका निभाई।

चांदीपुरा में कोई ट्रैक्टर तो कोई डोजर लेकर आगे आया। वहीं गांव वाले युवकों ने मजदूरों का काम किया और रोड बनना शुरू हो गई। रविवार-सोमवार को वहां के दो दर्जन से अधिक युवक रोड को समतल करते हुए देखे गए। इस रोड के लिए जेसीबी और ट्रैक्टरों के लिए पंचायत सचिव ने खुद अपनी जेब से डीजल का बंदोबस्त किया तो गांव वालों ने अपने ट्रैक्टर लगा दिए थे।

Leave A comment

ट्विटर