डेरे में उड़ता था प्रियंका तनेजा का मजाक, इसलिए बलात्कारी बाबा ने नाम रखा था हनीप्रीत

डेरे में उड़ता था प्रियंका तनेजा का मजाक, इसलिए बलात्कारी बाबा ने नाम रखा था हनीप्रीत

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  • 2017-09-04
  • Shashi Kant

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बलात्कारी बाबा राम रहीम की राजदार हनीप्रीत का एक के बाद एक राज खुलकर सामने आ रहा है। हनीप्रीत राम रहीम की सबसे करीबी थी। हर वक्त बाबा के साथ रहती थी। उसकी हर सुख-दुख का ख्याल रखती थी। लेकिन इसके साथ हनीप्रीत जितनी बाबा के करीब आती गई, उसके अपने उससे दूर होते गए।

हनीप्रीत के दो मामा सिरसा में ही रहते हैं। एक मामा अशोक बब्बर का टायरों का बिजनेस है जबकि दूसरा मामा सीड डीलर है। उसके मामाओं ने उससे रिश्ता तोड़ लिया और चाचा ने भी किनारा कर लिया।

लेकिन इन सबके बावजूद हनीप्रीत अपने मां-बाप को मनाने में कामयाब रही। हनीप्रीत के मां-बाप उसके साथ डेरे में ही रहने चले गए थे। अशोक बब्बर कहते हैं पिछले 15 सालों से हनीप्रीत और उसके माता-पिता से हमने संबंध तोड़ रखे हैं। न तो हमारा उनके यहां आना जाना है और न ही उनका हमारे यहां।

जब हनीप्रीत का सच सामने आया तो उसके चाचा भी हैरान रह गए। हालांकि उनका कहना है कि यह सही है कि बोलचाल में बिंदास है। लेकिन उसके कैरेक्टर पर अंगुली उठाना गलत है। उनका कहना है कि हमने तो पिछले 15-16 सालों से उसके पूरे परिवार से नाता तोड़े हैं। जब से हमारा भाई रामानंद तनेजा अपने परिवार सहित डेरा में रहने लगा। तब से उनके साथ हमारे परिवार का आना-जाना बंद है। यहां तक कि बोल चाल भी नहीं होती है।

हनीप्रीत के बारे में एक और बात सामने आई है। हनीप्रीत के दादा रामशरण दास तनेजा दादी कुलवंत तनेजा डेरा के संस्थापक शाह मस्ताना के गद्दीनशीनी कार्यकाल में डेरा से जुड़े थे। शाह मस्ताना ने हनीप्रीत के दादा को साल 1965 में डेरा के खजांची पद पर नियुक्त कर दिया था। तब से रामशरण तनेजा को सभी डेराप्रेमी ‘खजांची जी’ के नाम से ही पुकारते थे।

डेरा में तनेजा परिवार का अच्छा खासा रसूख और दबदबा होने लगा। रामशरण तनेजा का देहांत होने के बाद हनी के पिता भी मां सिरसा आ गए और डेरे में रहने लगे।
हनीप्रीत और राम रहीम के बारे में एक और खुलासा हुआ है। साधुओं को नपुंसक बनाए जाने पर राम रहीम पर केस करने वाले पूर्व साधु हंसराज उर्फ हकीकी हंस का कहना है कि बाबा ने हनीप्रीत का नाम इसलिए बदला। क्योंकि पंजाबी फिल्म यार अणमुल्ले में जट टिंका, ओय-होय नी प्रियंका गीत को डेरे के लोग गाकर प्रियंका का मजाक उड़ाते थे। जिससे बाबा नाराज होता था। इसलिए उसने प्रियंका तनेजा का नाम बदल हनीप्रीत कर दिया।

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