पाकिस्तान में इतिहास से छेड़छाड़, किताब में हिंदुओं को बताया ठग और हत्यारा

पाकिस्तान में इतिहास से छेड़छाड़, किताब में हिंदुओं को बताया ठग और हत्यारा

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  • 2017-08-05
  • Shashi Kant

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भारत और पाकिस्तान के बीच नफरत की दीवार तक तक खड़ी रहेगी, जबकि पाकिस्तान अपने बच्चों को जहरीली किताबें पढ़ाता रहेगा। पाकिस्तान की किताबों में हिंदुओं को ठग और हत्यारा बताया गया है। जबकि भारत की किताबों में महात्मा गांधी के प्रयासों से आजादी मिलने की बात पढ़ाई जाती है।

पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में सरकार से मान्यता प्राप्त 5वीं क्लास की इतिहास की किताबों में यह फर्जी तथ्य पढ़ाया जा रहा है। इस किताब में बताया गया है कि हिंदू ही 1947 के बंटवारे के लिए जिम्मेदार थे। हिंदुओं ने मुसलमानों को मौत के घाट उतारा। उनकी प्रॉपर्टी लूटी और उन्हें भारत से बाहर जाने के लिए मजबूर किया। जबकि इसके ठीक उलट भारत में पढ़ाया जाता है कि महात्मा गांधी की कोशिशों से भारत को आजादी मिली। वह भारत के एकीकरण के पक्ष में थे, लेकिन मुस्लिम लीग की पाकिस्तान बनाने की जिद से अलग देश का जन्म हुआ।

पाकिस्तान के स्टूडेंट्स भी इस किताब को पढ़कर अपनी मानसिकता वैसी ही बना लिये हैं। हाई स्कूल का एक स्टूडेंट नोमन अफजल कहता है कि उनको स्कूल में पढ़ाई जाने वाली इतिहास की किताबों से पता चला कि विश्वासघाती हिंदू 1947 में हुए रक्तपात के लिए जिम्मेदार थे। 17 साल का अफजल पाकिस्तान के पंजाब प्रांत का रहने वाला है। वो कहना है कि उन्होंने हमारे ऊपर नजर डाली, इसलिए हमको पाकिस्तान बनाना पड़ा।

जबकि दूसरी तरफ भारत में इसके ठीक उलट पढ़ाया जाता है। भारत की किताबों में पढ़ाया जाता है कि कैसे महात्मा गांधी ने ब्रिटेन से भारत को आजाद कराने के लिए लड़ाई लड़ी। महात्मा गांधी देश का विभाजन नहीं चाहते थे। लेकिन मुस्लिम लीग के नेता मोहम्मद अली जिन्ना की जिद से अलग देश का जन्म हुआ।

महात्मा गांधी के चैप्टर ने ही पाकिस्तान और भारत की किताबों में इतिहास का अंतर को बता दिया है। पाकिस्तान में आजादी की लड़ाई में महात्मा गांधी के योगदान को पूरी तरह से नकार दिया गया है। जबकि भारत में उनको ‘वन मैन आर्मी’ बताया गया है।

गुजरात से आने वाले इतिहास के टीचर आशीष ढकन का कहना है कि मुसलमानों के आत्मसम्मान और स्वतंत्रता के लिए मुस्लिम लीग ने लड़ाई लड़ी। आशीष का कहना है कि हमारे इतिहास में बताया जाता है कि हमने अंग्रेजों से आजादी हासिल की। जबकि उनकी किताब में बताया जाता है कि उन्होंने अंग्रेजों से लड़ाई जीती।
दोनों देशों की सरकारी किताबों में अपने-अपने तरीके से इतिहास पढ़ाया जाता है। लेकिन पाकिस्तान का एक ग्रुप अपने इतिहास के बारे में गंभीरता से जानने के लिए काम कर रहा है। कासिम असलम अपने ‘हिस्ट्री प्रोजेक्ट’ को भारत और पाकिस्तान के स्कूलों में चलाते हैं और छात्रों को दोनों देशों की किताबों में विभाजन के इतिहास के अंतर को बताने के लिए आमंत्रित करते हैं।

इनके प्रोजेक्ट में शामिल होने वाले मुंबई के एक छात्र का कहना है कि यह इतिहास को अलग-अलग तरीके से जानने में मदद करता है। अगर हम सिर्फ एक नजरिया जानेंगे तो वह सत्य नहीं होगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि सीमापार पाकिस्तान में छात्रों को तोड़-मरोड़कर इतिहास के बारे में बताया जा रहा है। इससे भारत और पाकिस्तान के बीच सद्भावना पनपने की उम्मीदें कम हो गई हैं। अगर दोनों देशों में नजदीकियां बढ़ानी है तो इस तरह के इतिहास को हटाना होगा।

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