गजब! इस तीन साल के बच्चे को पता है 800 साल पूराना इतिहास...

गजब! इस तीन साल के बच्चे को पता है 800 साल पूराना इतिहास...

THEHOOK DESK: पुनर्जन्म की कहानियां तो आपने बहुत सुनी होंगी लेकिन ये ऐसी कहानी है जिसमें तीन साल का मासूम 824 साल पुराना इतिहास बता रहा है।
  • 2017-01-04
  • Tara Chand

THEHOOK DESK: पुनर्जन्म की कहानियां तो आपने बहुत सुनी होंगी लेकिन ये ऐसी कहानी है जिसमें तीन साल का मासूम 824 साल पुराना इतिहास बता रहा है।

 आमतौर पर ऐसी कहानी सौ वर्ष तक या उससे कम की होती हैं लेकिन 800 साल पुराना इतिहास जो कि इतिहास के पन्नों तक ही सीमित हो वो निकलकर बाहर आ जाए तो इसे चमत्कार ही कहा जाएगा।
वो भी जब सारा मामला प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय से जुड़ा हो तो इसका महत्व और बढ़ जाता है। प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय का गौरवशाली इतिहास है। दुनिया के सबसे पहले विश्वविद्यालय के बारे में हमें केवल इतिहास के पन्ने और उसके बचे हुए अवशेष ही बताते हैं। प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय में महान शिक्षाविद् 824 साल फिर से हुआ है।
हम बात कर रहे हैं नालंदा विश्वविद्यालय के महान शिक्षाविद वेरोचेना के बारे में जिनका पुनर्जन्म 824 साल बाद भूटान की महारानी दोरजी वांगचुक का नाती के रूप में हुआ है। यह दावा खुद भूटान की महारानी दोजी ओंगचुक का है। महारानी पहली बार अपनी बेटी सोनम देझेन वांगचुक और तीन वर्ष के नाती ट्रूएक वांगचुक के साथ नालंदा पहुंची।
महज तीन वर्ष के इस छोटे से बालक ने चार घंटे तक अपने अतीत को बताकर लोगों को आश्चर्यचकित कर दिया। यही नहीं इसने वह मुद्राएं भी अपने आप दिखाईं जो नालंदा में पढ़ने वाले छात्रों को सिखाई जाती थीं। इस बालक ने उस जगह को भी पहचाना जहां अध्यन किया जाता था।
महारानी ने नालंदा पहुंचकर अपने आप को अत्यंत सौभाग्यशाली बताते हुए अपने जीवन का सबसे महत्वपूर्ण दिन बताया. जैसे ही इस बालक के पुनर्जन्म होने की बात फैली लोग इसकी पूजा करने और आशीर्वाद लेने लगे। हालांकि विश्वास तो नहीं होता लेकिन जिस प्रकार एक छोटे से बालक ने प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय के बारे में विस्तृत जानकारी दी उसने एक बार इंसान को सोचने पर मजबूर कर दिया।

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