हिंदू नहीं है तो क्या हुआ हिन्दू धर्म में अटूट आस्था इस देश की

THE HOOK DESK: दक्षिण पूर्व एशिया का देश थाईलैंड बौद्ध बहुल देश होने के बावजूद हिंदू धर्म में अटूट आस्था रखता है। हिंदू धर्म के प्रति ऐसी आस्था तो आपको दुनिया के सबसे बड़े देश भारत में भी देखने को नहीं मिलेगी।
  • 2016-12-22
  • Ruby Sarta

THE HOOK DESK: दक्षिण पूर्व एशिया का देश थाईलैंड बौद्ध बहुल देश होने के बावजूद हिंदू धर्म में अटूट आस्था रखता है। हिंदू धर्म के प्रति ऐसी आस्था तो आपको दुनिया के सबसे बड़े देश भारत में भी देखने को नहीं मिलेगी।

बौद्ध होने के बावजूद थाईलैंड के लोग न केवल हिंदू मंदिरों और देवताओं में गहरी आस्था रखते हैं बल्कि अपने राजा को भी राम का वंशज होने मानकर उसे विष्णु के अवतार की संज्ञा देते हैं। अगर ये कहा जाए कि थाईलैंड में आज भी राम राज्य है तो गलत नहीं होगा।
थाईलैंड एक संवैधानिक लोकतांत्रिक देश है लेकिन बावजूद इसके वहां के राजा को भगवान श्रीराम का वंशज मानकर उसको उसी प्रकार सम्मान दिया जाता है जैसे भगवान को दिया जाता है। वहां राजाओं को निजी अथवा सार्वजनिक तौर पर कभी भी विवाद या आलोचना के घेरे में नहीं लाया जाता है, वे पूजनीय हैं।
बताते चलें कि थाईलेंड में भगवान राम के छोटे पुत्र कुश के वंशज सम्राट भूमिबल अतुल्य तेज राज्य कर रहे हैं जिन्हें नौवां राम कहा जाता है। दरअसल, बताया जाता है कि राम के छोटे पुत्र कुश को राज्य बंटवारे भारत का पूर्वी भाग मिला था। राजा बनने के बाद कुश ने अपना राज्य पूर्व की तरफ फैलाया और एक नाग वंशी कन्या से विवाह किया था। थाईलेंड में आज जो राजा हैं वे उसी कुश के वंशज हैं, इस वंश को चक्री वंश या चक्री डायनेस्टी कहा जाता है। सर्वविदित है कि राम को विष्णु का अवतार माना गया है और विष्णु का आयुध चक्र है। इसी लिए थाईलेंड के लोग चक्री वंश के हर राजा को राम की उपाधि देकर नाम के साथ संख्या दे देते हैं, जैसे अभी राम दशम राजा हैं जिनका नाम माहा वाजीरालोंग्कोर्न है। इसके पहले राजा नवम थे जिनका अक्टूबर में निधन हो गया है। उनका नाम भूमिबल अतुल्यतेज था।
थाईलैंड की राजधानी बैंगकाक को महेंद्र अयोध्या भी कहते है. ऐसा इसलिए कि लोगों का मानना है कि यह इंद्र द्वारा निर्मित महान अयोध्या. यही कारण है कि थाईलैंड के जितने भी राम ( राजा ) हुए हैं सभी इसी अयोध्या में रह कार्य करते हैं। यही नहीं, थाईलैंड में थेरावाद बौद्ध के लोग बहुसंख्यक हैं लेकिन इसके बावजूद वहां का राष्ट्रीय ग्रन्थ रामायण है जिसे थाई भाषा में राम कियेन कहते हैं जिसका अर्थ राम कीर्ति होता है जो वाल्मीकि रामायण पर आधारित है। यदि आप कभी थाईलैंड की राजधानी बैंगकाक जाएंगे तो वहां देखेंगे कि वहां हवाई अड्डे के स्वागत हाल के अंदर समुंद्र मंथन का दृश्य बना हुआ है. यही नहीं जिस हवाई अड्डे का नाम भी सुवर्ण भूमि है।

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